अप्रैल ११, २०१९
लोकसभा चुनावके प्रथम चरणका मतदान जारी है । तेलंगानाकी हैदराबाद सीटसे उम्मीदवार असदुद्दीन ओवैसीने भी गुरुवारको अपना वोट डाला । मतदान करनेके पश्चात ओवैसीने कश्मीरपर बडा वक्तव्य दिया, उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर किसीके ‘बापकी जागीर’ नहीं है ! ओवैसीके इस उत्तरको जम्मू-कश्मीरकी पूर्व मुख्यमन्त्री महबूबा मुफ्तीके वक्तव्यसे जोडा जा रहा है ।
उल्लेखनीय है कि महबूबा मुफ्ती निरन्तर वक्तव्य दे रही हैं कि यदि ‘अनुच्छेेद ३७०, ३५ए’पर कोई कार्यवाही की जाती है तो जम्मू-कश्मीर भारतसे पृथक हो जाएगा ।
ओवैसीका कहना एक प्रकारसे उचित ही है । कश्मीर किसीकी नहीं वरन भारतकी ही जागिर है और इसपर अधिकार केवल भारतीयोंका है ! जो अभी वहां एकाधिकारकी मांग कर रहे हैं, वे बाहरी हैं, जो कश्मीरी पण्डितोंका नरसंहारकर एकत्र हुए हैं । राजनीतिकरणके कारण इस समस्याको व्यर्थ ही खींचा जा रहा है, अब इसका समाधान आवश्यक है, ताकि कोई भी आए दिन दिए जानेवाले राष्ट्रद्रोही वक्तव्य न दे पाए और भारत भी इस प्रकरणसे ध्यान हटाकर आगे बढे ।” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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