देहली शासनने गत तीन माहमें विज्ञापनोंपर व्यय किए १५० कोटि रुपए


२३ अप्रैल, २०२१
       देहलीमें कोरोना महामारीके कारण दिन प्रतिदिन स्थिति भयावह होती जा रही है । शासन चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान करनेमें पूर्णतः असक्षम सिद्ध हो रहा है । वही इस मध्य एक ‘आरटीआई’से प्राप्त जानकारीसे ज्ञात हुआ है कि अरविंद केजरीवाल शासनने इस वर्ष जनवरीसे मार्चतक विभिन्न माध्यमोंसे अपने विज्ञापनोंपर १५० कोटि रुपएसे अधिक धनका व्यय किया है । सामाजिक जालस्थल ‘ट्विटर’पर आलोक भट्टद्वारा साझा किए गए इस ‘आरटीआई’ प्रतिवेदनसे ज्ञात होता है की २०२१ में ‘आप’ शासनद्वारा विज्ञापनोंपर जनवरी माहमें ३२.५२ कोटि फरवरीमें २५.३३ कोटि व मार्च में ९२.४८ कोटि रुपए व्यय किए गए हैं । ऐसी परिस्थितियोंमें जब राष्ट्रीय राजधानीकी स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त हो रही है, वहीं शासनद्वारा ‘प्रिंट मीडिया’, ‘इलेक्ट्रॉनिक मीडिया’ व अन्तर्जालके माध्यमसे विज्ञापनोंपर गत २ वर्षोंमें प्रचार प्रसारपर ८०० कोटि रुपएसे अधिकका धन व्यय कर दिया है । उधर अप्रैलमें ‘यूट्यूबके माध्यमसे प्रचार करनेपर मन्त्रीजीकी अत्यधिक आलोचना भी हो रही है । उल्लेखनीय है कि अब, जब स्थिति नियन्त्रणसे बाहर हो चुकी है, देहलीके मुख्यमन्त्री अन्य राज्योंके मुख्यमन्त्रियोंसे ‘ऑक्सीजन’ प्रदान करनेकी प्रार्थना कर रहे हैं, जबकि उन्होंने अगस्त २०२० को घर-घर ‘ऑक्सीजन’ पहुंचानेका वचन दिया था ।
      समाचारसे स्पष्ट होता है कि सत्तालोलुप राजनेता सत्ताका प्रयोग केवल अपने स्वार्थ हेतु ही करते हैं । उन्हें सामान्य नागरिकोंसे किसी भी प्रकारका लेना-देना नहीं रहता । ऐसे राजनेता राष्ट्रकों उत्थानके स्थानपर पतनकी ओर ले जाते हैं ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution