जम्मू-कश्मीरमें अब ‘पत्थरबाजों’ व देशद्रोहियोंको नहीं मिलेगी शासकीय चाकरी (नौकरी) और पारपत्र (पासपोर्ट), शासनका आदेश
०२ अगस्त, २०२१
जम्मू-कश्मीर प्रशासनने १ अगस्त, रविवारको देशद्रोहियों और पत्थरबाजोंपर नियन्त्रण पानेके लिए कठोर पग उठाया है । उन्होंने आदेश दिया है कि ‘पत्थरबाजों’ और देशविरोधी गतिविधियोंमें सम्मिलित रहनेवाले लोगोंको न तो शासकीय चाकरी दी जाएगी और न ही उनके पारपत्रका सत्यापन (वेरिफिकेशन) किया जाएगा । इससे राज्य और राष्ट्रकी सुरक्षाके लिए भय उत्पन्न करनेवाले इन लोगोंको विदेश जानेका अवसर नहीं मिलेगा ।
‘मीडिया’ विवरणके अनुसार, ‘सीआईडी’की विशेष शाखा कश्मीरके ‘एसएसपी’ने अपने अधीनस्थ सभी अधिकारियों और कर्मचारियोंको इस सम्बन्धमें परिपत्र (सर्कुलर) प्रकाशित किया है । परिपत्रमें उन्होंने कहा है कि पारपत्र, शासकीय चाकरी व शासकीय योजनाओंसे जुडी घटनाओंमें किसी व्यक्तिकी सुरक्षा अनुमतिका प्रतिवेदन बनाते समय कुछ विशेष बातोंका ध्यान रखा जाए, जैसे वे व्यक्ति ‘पत्थरबाजी’, विधान-व्यवस्था तोडने व किसी दूसरे अपराधमें सम्मिलित न रहा हो ।
यह अच्छा है कि शासन कमसे कम अब ‘पत्थरबाजों’को भटके हुए नागरिकोंकी संज्ञा नहीं दे रहा है । अब नेतागण आतङ्कके धर्मका भी अभिज्ञान (पहचान) कर लें; क्योंकि यदि वह हुआ तो आतङ्कका अन्त स्वयं हो जाएगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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