असमके अधिकतर मुसलमान धर्मान्तरित, उनके हिन्दू पूर्वज नहीं खाते थे ‘बीफ’, मुख्यमन्त्री हिमंता बिस्वा सरमा बोले, “मेरे निर्णयसे वे खुश”
९ अक्टूबर, २०२१
असमके मुख्यमन्त्री हिमंता बिस्वा सरमाने कहा है कि राज्यके अधिकतर मुसलमान धर्मान्तरित हैं, जिनके पूर्वज हिन्दू थे और ‘बीफ’ नहीं खाते थे । ‘इंडिया टुडे कन्क्लेव’में उन्होंने असममें अवैध अतिक्रमणके विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानपर भी बात की । उन्होंने कहा कि असममें कोई ‘हेट नैरेटिव’ नहीं है और एक बहुप्रसारित (वायरल) दृश्यपटमें (वीडियोमें) शवपर कूदते दिख रहे व्यक्तिको बन्दी भी बनाया गया । उन्होंने कहा कि असमके अधिकतर लोग मानते हैं कि बांग्लादेशके मुसलमानोंने घुसपैठ करके अतिक्रमण किया ।
उन्होंने कहा कि वे असमके मुसलमानोंको सदैव स्मरण दिलाते हैं कि आपके पूर्वज ‘बीफ’ नहीं खाया करते थे, आप कृपया इसके प्रयोगको तो प्रोत्साहन न दें । उन्होंने ध्यान दिलाया कि इस देशमें कई लोग परम्पराकी बात करनेपर अप्रसन्न हो जाते हैं । असमके मुख्यमन्त्री हिमांत बिस्वा सरमाने कहा कि अधिकार हमारी सभ्यताके मूल्योंसे ही निकले हैं, ऐसेमें इसे स्वतन्त्र दृष्टिकोणसे नहीं देखा जाना चाहिए ।
उन्होंने धार्मिक स्थलोंके ५ किलोमीटरके कार्य क्षेत्रमें ‘बीफ’को प्रतिबन्धित किए जानेके निर्णयका भी बचाव करते हुए कहा कि मुसलमान इस निर्णयसे प्रसन्न हैं और इससे परस्पर सौहार्दमें भी वृद्धि हुई है । उन्होंने पूछा कि क्या आपने ‘बीफ’ खानेके नए नियमोंपर असममें किसी मुसलमान सङ्गठनका विरोध देखा है ? साथ ही कहा कि इस निर्णयके विरुद्ध, जो विरोध हो रहा है, वे ‘लेफ्ट लिबरलों’द्वारा किया जा रहा है ।
मुख्यमन्त्री बिस्वा सरमाने जो बात कही, वह अकाट्य सत्य है । इसमें कोई दो विचार नहीं कि मानव जातिका मूल सनातन धर्म ही है और अब समय आ गया है, जब सभी सनातन धर्मका अभिज्ञान (पहचान) करें और अपने मूल धर्म सनातनकी ओर अग्रसर हों, इसीमें सबका हित निहित है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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