पाकिस्तानके सिंधमें व्यवसायी सुनील कुमारकी ‘गोली’ मारकर हत्या, हिन्दुओंने हत्यारोंकी बन्दीको लेकर ‘पुलिस’ ‘थाना’ घेरा
०५ जनवरी, २०२२
पाकिस्तानके सिंध प्रान्तके अनाज मण्डीमें ४४ वर्षीय हिन्दू व्यवसायी सुनील कुमारकी अज्ञात आक्रमणकारियोंने ‘गोली’ मारकर हत्या कर दी । समाचार संस्था ‘एएनआई’ने इसकी जानकारी दी है । पाकिस्तानके स्थानीय समाचार संस्थानोंके प्रतिवेदनके अनुसार, इस नृशंस हत्याके त्वरित पश्चात २ जनवरीको हिन्दू एक स्थानीय ‘पुलिस’ ‘थाने’के बाहर धरना देनेके लिए इक्कठे हुए । विरोध-प्रदर्शनके मध्य हिन्दू व्यापारीके हत्यारोंकी तत्काल बन्दी बनाए जानेकी मांग की गई । इस घटनाके कारण नगरमें बन्दी कर दी गई है ।
निकटके वर्षोंमें पाकिस्तानमें अल्पसंख्यकों और उनके पूजास्थलोंके विरुद्ध हिंसामें अत्यधिक वृद्धि देखी गई है । इस प्रकारकी कई घटनाएं नियमित देखनेको मिली हैं, जैसे महिलाओंके साथ दुष्कर्म और अपहरणके लिए हिन्दुओंके घरोंमें तोडफोड करना । ऐसा विशेषकर हिन्दू, ईसाई और सिख समुदायकी महिलाओंके साथ होता है । इसके अतिरिक्त मन्दिरमें तोडफोड करना, उसे हानि पहुंचाना पाकिस्तानमें सामान्य घटना है । कई ऐसे अवसर आए, जब अल्पसंख्यकोंके अधिकारोंकी रक्षा करनेमें विफल रहनेके कारणसे पाकको अन्तर्राष्ट्रीय स्तरपर आलोचनासे प्रतडित होना पडा है; किन्तु इसके पश्चात भी इमरान खान शासनने देशमें अल्पसंख्यकोंकी सुरक्षाके लिए कोई ठोस पग नहीं उठाया है ।
पाकिस्तानमें अल्पसंखकोंका जीवन नित्य असुरक्षित बनता जा रहा है । पाकिस्तानका शासन, प्रशासन, वहां की न्यायपालिका, अधिकतर सामाजिक संस्थाएं अल्पसंख्यकोंके साथ होनेवाले धर्म-परिवर्तन, यौन-हिंसा, जीवनके लिए संकट आदि जैसे अपराधोंके लिए संगठित रूपसे उत्तरदायी हैं । आर्थिक रूपसे ‘कंगाल’ पाकिस्तान अन्तराष्ट्रीय संस्थाओंको धता बताकर इन अपराधोंको जन्म दे रहा है । स्थायी उपायके लिए पाकिस्तान जैसे राष्ट्रको दण्डित करना अनिवार्य है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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