नवम्बर १६, २०१८
उत्तर प्रदेशके मेरठका एक थाना अपराधकी घटनाओंसे परेशान होकर टोने-टोटकेकी शरणमें पहुंच गया है ! थानेपर नींबू-मिर्ची लटका दी गई है और प्रविष्ट हो रहे अभियोगमें भी टोटके अपनाए जा रहे हैं ! इतना ही नहीं, पंचनामेके लिखित-पत्रको पांच चप्पल मारनेके पश्चात ही चिकित्सिय जांचके लिए भेजा रहा है ! थानेमें धर्म-कर्म भी बढ गया है और सुबह शाम धूप जलाई जाने लगी है । अनसुलझे पडे एक बडे अभियोगको सुलझाने और अपराधको रोकनेके लिए ही ये सारे प्रयास किए जा रहे हैं !
मेरठके एक देहातके थानेमें इन दिनों बढते अपराधको लेकर हाहाकार मचा हुआ है । कभी हत्या तो कभी लूटसे थाना पुलिसकी किरकिरी हो रही है । गत दिवसोंमें एक बडी हत्या भी इसी थाना क्षेत्रमें हुई । लूटका विरोध करनेपर दम्पतिकी हत्या कर दी गई थी । इसके अतिरिक्त भी गोकशी और वाहन चटानको लेकर थाना पुलिसकी किरकिरी हो रही है । शेष कार्य शराब माफिया और वाहन चोरोंने पूरा कर दिया ।
वहीं दूसरी ओर चर्चा है कि थानेमें ये टोटके काम कर रहे हैं ! गत १० दिवसोंसे कोई बडी घटना नहीं हो रही है !
प्रत्येक वर्ष एक जनवरीको पुलिस विभाग टोटके अपनाता है । वर्षके प्रथम दिवस अर्थात एक जनवरीको प्रत्येक थानेमें निरोधात्मक कार्यवाहीका ही अभियोग प्रविष्ट किया जाता है । इस समय शराब पकडना, चाकूके साथ पकडना, गुंडा एक्टकी कार्यवाही, तमंचा पकडना आदि अभियोग ही लिखे जाते हैं !
चोरी या दुर्घटनाका प्रकरण प्रविष्ट करनेसे पुलिस परहेज करती है । कई थानोंमें ऐसी भी मान्यता रहती है कि हत्याके प्रकरणमें शीघ्र प्राथमिकी नहीं लगानी चाहिए ! ऐसा करनेसे दूसरी हत्या हो जाती है और वहां नूतन अभियोग प्रविष्ट करना पडता है !
“नागरिकोंकी सुरक्षाके लिए पुलिस प्रशासन उत्तरदायी है और ऐसे रक्षकोंसे नागरिक क्या आशा रख सकते हैं ? क्या ऐसी निष्क्रियता, विवेकहीनता व बुद्धिहीनता किसीकी रक्षाके कार्य आ सकती है ? स्वयं विचार करें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान
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