हिन्दुओंपर पुनः आघात करते हुए, कर्नाटकमें देवालयमें महिलाके प्रवेशपर अराजकता फैदशलानेका प्रयास !


अक्तूबर १९, २०१८

कोल्लुरके ‘श्री मुकाम्बिका देवालय’के लक्ष्मी मंटपामें एक महिलाके प्रवेशका प्रकरण सामने आया है, यहां केवल पुजारियोंको ही प्रवेशकी अनुमति हैं । इस कारण कर्नाटकमें विवाद छिड गया है । उडुपी जिलाकी उपायुक्त प्रियंका मेरी फ्रांसिसने उप खण्डीय अधिकारियोंसे टी.आर. उमाके प्रवेशके सम्बन्धमें विवरण मांगा है । उमा इस देवालयकी पूर्व कार्यकारी अधिकारी हैं । उमाने वर्तमान कार्यकारी अधिकारीको बिना बताए लक्ष्मी मंटपामें कथित रूपसे प्रवेश किया । बुधवार, १६ अक्तूबरको सामाजिक प्रसार माधवयमपर (सोशल मीडियापर) मंटपामें प्रवेश करता हुआ वीडियो प्रसारित हो गया । देवालयके वर्तमान प्रशासक एच हलप्पाने संवाददाताओंसे बताया कि देवालयके उन कर्मचारियोंके विरुद्घ कार्यवाही होगी, जिन्होंने उमाको लक्ष्मी मंटपामें प्रवेशकी अनुमति दी और समाचार माध्यमोंको इस बारेमें जानकारी दी । देवालय प्रबन्धन समितिके अध्यक्ष हरीष कुमार शेट्टीने बताया कि ‘सुवासिनी पूजा’के समय लक्ष्मी मंटपामें उमाका प्रवेश करना परम्पराके विरुद्घ है ।
गत कई दिवसोंसे केरलके सबरीमला देवालयमें महिलाओंके प्रवेशको लेकर भी विवाद उठा हुआ है । न्यायालयने भी महिलाओंको प्रवेशकी अनुमित दे दी है । मुख्य पुजारी देवालयमें महिलाओंके प्रवेशको लेकर विवाद कर रहे हैं और उन्हें भीतर जानेकी अनुमति नहीं दे रहे हैं ।
दबाव बढते देख देवस्वओम मन्त्री के. सुरेन्द्रनने तिरुवनन्तपुरममें कहा कि कार्यकर्ताओंको भगवान अयप्पाकी पवित्र भूमिको अपनी शक्ति दिखानेका स्थान बनानेका प्रयास नहीं करना चाहिए !

“जो भक्त अपने ईष्टके नियमोंका पालन न कर सकें, उसे भक्त कहेंगें क्या ? और यह तथाकथित समाजसेविकाओंकी एकाएक जागृत हुई भक्ति सम्भवतः देशमें अराजकताका फैलानेका प्रयास तो नहीं ? स्वयं विचार करें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ


स्रोत : जनसत्ता



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