कारगिलमें आकर रह रहे हैं रोहिंग्या, आईबी दल इनपर बनाए हुए है दृष्टि !


नवम्बर १, २०१८

केन्द्रीय गुप्तचर विभाग ‘आईबी’केक्षएक विवरणके अनुसार जम्मू कश्मीरके कारगिलमें रोहिंग्याके होनेकी जानकारी मिली है । विवरणके अनुसार लगभग ५३ रोहिंग्याके होनेकी जानकारी मिली है, जो कारगिलमें रह रहे हैं ! देखा जाए तो नियन्त्रण रेखाके निकट पडने वाला कारगिल सुरक्षाके लिए काफी संवेनदशील है । भारतीय सेना पाकिस्तानकी ओरसे होने वाली किसी भी कार्यवाहीके लिए हर समय तैयार रहती है, ऐसेमें जबसे इन क्षेत्रोंमें रोहिंग्याके होनेका समाचार मिलनेसे सुरक्षा विभाग सचेत हो गया है ।

गृह मन्त्रालयके एक अधिकारीके अनुसार, ‘कारगिलमें कुल ५३ रोहिंग्याके होनेका समाचार है, यद्यपि इनमेसे कई सडक निर्माणके कार्यमें श्रमिकके रूपमें कार्य कर रहे हैं, लेकिन हम उनकी गतिविधियोंपर निरन्तर दृष्टि रखे हुए हैं ।

इस्लामिक संगठन रोहिंग्याके लिए एकत्र कर रहे निधि (फंड) कुछ दिवसों पूर्व पश्चिम बंगालके २४ परगना जनपदमें भी बडी संख्यामें रोहिंग्याके बसनेकी जानकारी सामने आई थी । विवरणके अनुसार २४ परगना जनपदमें बडी संख्यामें रोहिंग्याको बसानेके लिए षडयन्त्र रचा जा रहा है । कई ऐसे दलका भी पता लगाया गया है, जो बांग्लादेशमें रह रहे रोहिंग्याको पश्चिम बंगालमें घुसानेका षडयन्त्र कर रहे हैं । यही नहीं कई ऐसे इस्लामिक संगठनकी भी जानकारी मिली है, जो देश भरमें रोहिंग्याके लिए धन एकत्र कर रहे हैं और बंगालके कुछ क्षेत्रोंमें उनके लिए कच्चे और पक्के घर बनाए जा रहे हैं !

 

गृह मन्त्रालयको भेजी गुप्त विवरणसे इस बातका प्रकटीकरण हुआ है कि पश्चिम बंगालके २४ परगना जनपदमें देश भरमें रह रहे सहस्त्रों रोहिंग्याको बसानेका षडयन्त्र रचा जा रहा है । जी न्यूजके पास गुप्तचर विभागके विवरणके अनुसार लगभग ऐसे ४० संगठनोंका अभिज्ञान किया गया है, जो इन रोहिंग्याको बसानेके लिए देशभरसे पैसे एकत्र कर रहे हैं ।

विवरणके अनुसार बंग्लादेश, जम्मू कश्मीर, हैदराबाद समेत देशके दूसरे राज्योंमें रहने वाले रोहिंग्या लोगोंसे विनती की जा रही है कि वो २४ परगनामें आकर रहें । रोहिग्यांको बसानेके लिए इन ४० संगठनोंने गत कुछ दिवसोंमें ही देशके भिन्न-भिन्न भागोंमें लगभग ५० बार से अधिक गुप्त बैठक की हैं !

गृह मन्त्रालयको भेजे गए गुप्त विवरणमें कहा गया है कि २९ रोहिग्यांने २४ परगना जनपदके इन क्षेत्रोंमें रहना आरम्भ कर दिया है । रोहिग्यांको बसानेके लिए सहस्त्रोंकी संख्यामें नये घर बनानेका कार्य आरम्भ किया गया है । रोहिंग्याकी सहायताके लिए इन संगठनोंने गांवोंमें रह रहे लोगोंसे कहा है कि वह अपनी भूमि रोहिंग्याको दान करे, जिससे उन्हें बसाया जा सके !

गुप्तचर विभागोंको आशंका है कि रोहिंग्याकी सहायताके लिए कई स्थानोंपर ये संगठन पैसे एकत्र कर रहे हैं और इन लोगोंको भारतकी नागरिकता दिलानेकी मांग कर रहे हैं । जम्मू, हैदराबाद, बांग्लादेशमें रह रहे रोहिंग्यासे कहा जा रहा है कि यदि वो देशके किसी भी भागमें सुरक्षित अनुभव न कर रहे हो तो वो पश्चिम बंगालमें आ सकते हैं । अभी लगभग ५ सहस्त्र रोहिंग्याको बसानेके लिए भूमि और घरकी व्यवस्था की जा रही है ।

“रोहिंग्या सदृश विकट संकट सिरपर होनेपर भी केन्द्रका कडी कार्यवाही न करना सभी राष्ट्रनिष्ठोंके मनमें शंकाको घर कर रहा है । केन्द्र त्वरित इसपर कडी कार्यवाही कर रोहिंग्याओंको बाहर करे व इन्हें समर्थन देने वाले राष्ट्रद्रोहियोंको दण्ड दें, ऐसी सभी राष्ट्रनिष्ठोंकी अपेक्षा है”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : जी न्यूज



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