बालिकासे दुष्कर्मके प्रकरणमें एक सप्ताहमें २०,००० उत्तर भारतीय गुजरात छोडकर भागे !


अक्तूबर ८, २०१८

गुजरातके मुख्यमन्त्री विजय रूपाणीने सोमवारको लोगोंसे हिंसामें सम्मिलित नहीं होनेकी प्रार्थना की । यद्यपि एक संगठनने दावा किया है कि बलात्कारकी घटनाके पश्चात एक सप्ताहमें ही लगभग २०,००० हिन्दी भाषी लोग राज्य से भाग गए हैं ।

रूपाणीने दावा किया कि गत ४८ घण्टोंमें कोई घटना नहीं हुई है । राज्यके गृहमन्त्री प्रदीप सिंह जडेजाने कहा कि प्रवासियोंकी सुरक्षाके कारण औद्योगिक क्षेत्रोंमें अतिरिक्त सुरक्षा बलोंको तैनात किया गया है । उधर, उत्तर भारतीय विकास परिषदके अध्यक्ष महेश सिंह कुशवाहाने दावा किया कि वर्तमान स्थितिको देखते हुए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहारके लगभग २०,००० लोग गुजरात से बाहर चले गए हैं !

पुलिसने बताया कि साबरकाण्ठा जनपदमें २८ सितम्बरको एक १४ माहकी बालिकाके साथ बलात्कारके आरोपके पश्चात राज्यके उत्तरी छह प्रान्तोंमें हिन्दी भाषी लोगोंके विरुद्घ हिंसा भडक उठी थी । सरकारने कहा कि इस बलात्कारके आरोपमें बिहारके एक श्रमिकके (मजदूर) पकडे जानेके पश्चात भडकी हिंसाके विरुद्घ अभियानमें ४३१ लोगोंको बन्दी बनाया गया है और ५६ प्राथमिकियां प्रविष्ट की गई हैं । रूपाणीने कहा कि पुलिसने स्थितिपर नियन्त्रण पा लिया है । उन्होंने राजकोटमें कहा, ‘हम व्यवस्था बनाए रखनेके लिए प्रतिबद्ध हैं और परेशानीकी स्थितिमें लोग पुलिसको बुला सकते हैं । हम उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराएंगे ।’


पुलिसने इस प्रकरण में ठाकोर सेनाके कई सदस्योंको बन्दी बनाया है और कई प्राथमिकियोंमें संगठनका भी नाम लिया गया है । संगठनके अध्यक्ष और कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोरने आरोप लगाया है कि समुदायके युवकोंको फंसाया जा रहा है । ठाकोरके आरोपके बारेमें पूछे गए एक प्रश्नके उत्तरमें जडेजाने कहा कि शांति बाधित करने वाले किसी भी व्यक्तिके विरुद्घ कार्यवाही की जाएगी । जडेजाने कहा कि पुलिस एक समुदायके किसी निर्दोष व्यक्तिको परेशान नहीं कर रही है; लेकिन जो लोग गुजरातकी शान्तिको बाधित कर रहे हैं, उनके विरुद्घ कार्यवाही की जाएगी ।
गुजरातमें उत्तर भारतीयोंपर आक्रमणको लेकर आरोप-प्रत्यारोप आरम्भ हो गए हैं । कांग्रेसने इन घटनाओंको लेकर भाजपापर आक्रमण करते हुए कहा कि प्रधानमन्त्री मोदी यह स्मरण रखें कि एक दिन उन्हें भी वाराणसी जाना हैं ।

“राजनीतिसे प्रेरित इस आरोप-प्रत्यारोपके मध्य मर कौन रहा है ? केवल राष्ट्रीयता ! विपत्तिकी इस भयंकर घडीमें, जिन हिन्दुओंने एकजुट होना चाहिए, वहीं एक-दूसरेके शत्रु बने बैठे हैं !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution