दिसम्बर ८, २०१८
राम मन्दिर निर्माणको लेकर भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामीने केन्द्रके मोदी और उत्तरप्रदेशके योगी शासनको चेतावनी दी है । उन्हें स्वयंका विरोधी बताते हुए स्वामीने कहा कि यदि इन्होंने राम मन्दिर निर्माणका विरोध किया, तो वो सरकार गिरा देंगे ! राम मन्दिर निर्माणपर हो रही तीव्र उठापटकके मध्य सुब्रमण्यम स्वामीका यह वक्तव्य सामने आया है ।
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालयमें एक कार्यक्रमको सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा, “यदि हमारा राम मन्दिर निर्माणका प्रकरण जनवरीमें सूचीबद्ध है, तो हम दो सप्ताहमें विजयी हो जाएंगें, क्योंकि मेरे दो विरोधी पक्षकार केन्द्र और उत्तर प्रदेश शासन हैं ! क्या उनके पास मेरा विरोध करनाकी शक्ति है ? यदि उन्होंने ऐसा किया, तो मैं सरकार गिरा दूंगा ! यद्यपि मुझको ज्ञात है कि वो इसका विरोध नहीं करेंगे ।
इससे पूर्व आरएसएसके नेता और राज्यसभामें भाजपाके सांसद राकेश सिन्हाने राम मन्दिर निर्माणपर निजी सदस्य विधेयक (प्राइवेट मेंबर बिल) लानेकी बात कही थी । उन्होंने सभी दलोंसे इसका समर्थन करनेकी भी विनती की थी । इससे पूर्व अयोध्यामें विश्व हिन्दू परिषदकी (वीएचपी) अध्यक्षतामें धर्म सभाका आयोजन किया गया था, जिसमें कई हिन्दूवादी संगठनोंके साथ ही काफी संख्यामें साधु-सन्त पहुंचे थे ।
धर्मसभाको सम्बोधित करते हुए वीएचपीके अन्तर्राष्ट्रीय सचिव चम्पत रायने कहा था, “राम मन्दिरके निर्माणके लिए हमें सम्पूर्ण भूमि चाहिए और विभाजनका कोई भी सूत्र स्वीकृत नहीं होगा ! सुन्नी वक्फ बोर्डको भूमिके अधिकारका अभियोग वापस ले लेना चाहिए और वीएचपी इस भूमिपर नमाज नहीं होने देगी !
ज्ञात हो कि राम मन्दिरपर इलाहाबाद उच्च न्यायालयने अपने निर्णयमें विवादित भूमिको तीन भागमें विभाजित किया था । इसके अतिरिक्त धर्म सभाके मंचसे आरएसएसके अखिल भारतीय सह सरकार्यवाह कृष्णा गोपालने कहा था कि धर्म सभाका जो भी निर्णय होगा, आरएसएस उसे मानेगी ।
जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्यने भी धर्मसभाको सम्बोधित किया था । इस मध्य उन्होंने केन्द्र शासनके एक बडे मन्त्रीका सन्दर्भ देते हुए कहा था कि उन्होंने विश्वास दिलाया है कि ११ दिसम्बरसे १२ जनवरी तक राम मन्दिरपर बडा निर्णय होगा ।
“हिन्दुत्वकी शक्तिपर ही वर्तमान शासक वर्ग सत्तामें आया था और एक हिन्दुवादी सदैव धर्मके साथ खडा है, व्यक्ति विशेषसे कोई मोह नहीं रखता । जो धर्मके साथ है, हिन्दू उसीके साथ है, इसका ध्यान सभी शासक वर्गने रखना चाहिए ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : आजतक
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