गुरु संस्मरण

सर्वज्ञ होनेके कारण श्रीगुरुका मेरे जीवनमें आगमनसे पूर्व साधना करवा कर लेना


गुरु संस्मरण सद्गुरुको मात्र स्थूल देह समझनेकी भूल न करें, वे एक सर्वज्ञ, सर्वशक्तिमान एवं सर्वव्यापी तत्त्वके प्रतिनिधि होते हैं ।  स्थूल रूपमें देहधारी गुरु अपनी इस विशेषताका परिचय, अपने शिष्यको उसकी पात्रता एवं श्रद्धानुसार अनुभूतियोंके माध्यमसे देते हैं । ख्रिस्ताब्द १९९७ में परम पूज्य गुरुदेवके प्रथम दर्शनके पश्चात् उन्होंने अनेक अनुभूतियां प्रदान कीं । यथार्थमें […]

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