आयुर्वेद

घरका वैद्य – चना (भाग-४)


भार (वजन) कम करनेके लिए : मोटापेसे दुःखी लोग चनेका सेवन कर सकते हैं । चनेमें ‘ग्लाइसेमिक इंडेक्स’ कम होता है, जो अत्यधिक भूखको नियन्त्रितकर, भार घटानेमें सहायता कर सकता है। इसमें पाया जानेवाला ‘फाइबर’ ‘कैलोरी’के सेवनको न्यूनकर, अतिरिक्त मोटापेको नियन्त्रित कर सकता है । यदि भूरा चना छिलके सहित खाया जाए, तो यह धीरे-धीरे पचता […]

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घरका वैद्य – चना (भाग-३)


रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) : शरीरमें रक्त-शर्कराको नियन्त्रित करनेमें चना विशेष भूमिका निभा सकता है । एक शोधके अनुसार, चना शरीरमें अतिरिक्त रक्त-शर्कराको दबानेका कार्य कर सकता है । मधुमेहका एक कारण अधिक भूख लगना भी है और चना भूखको कम करनेका कार्य कर सकता है । इसके पीछे ‘लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स’ (रक्त शर्कराके स्तरपर ‘कार्बोहाइड्रेट’का […]

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घरका वैद्य – चना (भाग-२)


कच्चा चना ठण्डा, छोटा, अत्यन्त कोमल, वातकारक, मल रोकनेवाला, रुचिकारक, एवं जलन, प्यास, अश्मरी या पथरीमें लाभदायक होता है । काला चना शीतक, मधुर, बलकारक एवं रसायन, निश्वास, कास तथा पित्तातिसार नाशक होता है । काबुली चना गुरु, शीतक, मधुर, अत्यन्त रुचिकारक, वातकारक, पित्तशामक तथा बलवर्धक होता है । चनेका साग कषाय, अम्लीय, मल रोकनेवाला, […]

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घरका वैद्य – चना (भाग – १)


चना एक ऐसा खाद्दान्न है जो देशके सभी लोग किसी न किसी रुपमें इसका सेवन करते हैं । आयुर्वेदमें भी चनेकी पौष्टिकताके आधारपर ही, इसे रोगोंके लिए औषधिके रुपमें प्रयोग किया जाता है । चना खानेसे, न केवल ऊर्जा ही प्राप्त होती है, अपितु भार, ‘कोलेस्ट्रॉल’, मधुमेह नियन्त्रणमें होनेके साथ-साथ सिर-पीडा, खांसी, हिचकी, वमन (उल्टी) […]

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घरका वैद्य – मूंगफली (भाग-८)


२१. ‘मैग्नेशियम’की कमीके लिए : मूंगफलीमें पाया जानेवाला ‘मैग्नेशियम’ शरीरके लिए बहुत आवश्यक तत्त्व होता है । यह प्रोटीनके संश्लेषण, मांसपेशियों और हृदय-तन्त्रके सुचारू रूपसे कार्य करने, रक्तमें शर्कराकी मात्रा सन्तुलित रखने तथा रक्तचाप नियन्त्रित रखनेमें सहायक होता है । ‘मैग्नेशियम’ पूरे शरीरमें ‘कैल्शियम’ व ‘पोटेशियम’की आपूर्ति सुचारू बनाये रखता है । इससे हृदयकी धडकन […]

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घरका वैद्य – मूंगफली (भाग-७)


१८. रक्तकी कमीके लिए : मूंगफलीमें ‘फोलेट’की प्रचुर मात्रा होती है । यह नये लाल रक्तकण बनानेके लिए आवश्यक होता है । लाल रक्तकण ही ‘ऑक्सीजन’को सभी अङ्गोंतक पहुंचाते हैं । इनकी कमी होनेपर ‘एनीमिया’ अर्थात रक्तकी कमी हो सकती है, जो अनेक रोगोंकी कारण बन सकती है । महिलाओंके लिए गर्भावस्थामें ‘फोलेट’ अति आवश्यक […]

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घरका वैद्य – मूंगफली (भाग-६)


१५. ‘अल्जाइमर’के लिए : किसी भी प्रकारसे मूंगफलीका सेवन करना ‘अल्जाइमर’ जैसे भयानक रोगोंसे मुक्ति पानेमें सहायता कर सकता है । इनमें ‘रेसवेरट्रोल’ (resveratrol) नामक एक यौगिक तत्त्व होता है जो मृत कोशिकाओंको कम करने, ‘डीएनए’की रक्षा करने और ‘अल्जाइमर’के रोगियोंमें तन्त्रिका सम्बन्धित क्षतिको रोकनेके लिए अति लाभदायक सिद्ध हुआ है । उबली हुई या […]

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घरका वैद्य – मूंगफली (भाग-५)


१२. मस्तिष्कके लिए : मूंगफलीमें ‘ट्राइटोफन’ नामक ‘अमीनो एसिड’ होता है जो मस्तिष्कमें तन्तुओंको ऊर्जा प्रदान करने और नए तन्तुओंके उत्पादनमें सहायता करता है । जो लोग मन्दबुद्धि होते हैं, उनके लिए मूंगफलीका सेवन बहुत लाभदायक है । १३. कर्क रोगके (कैंसरके) लिए उपयोगी : मूंगफलीमें ‘पॉलिफीनॉलिक’ नामक ‘एंटीऑक्सीडेंट’ तत्त्वकी अधिक मात्रा पाई जाती है […]

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घरका वैद्य – मूंगफली (भाग-४)


९. स्वस्थ्य त्वचाके लिए : मूंगफलीके ‘सूजन’ कम करनेवाले गुण ‘सोरायसिस’ और ‘एक्जिमा’ जैसे त्वचाके रोगोंकी चिकित्सा करते हैं । मूंगफलीमें पाया जानेवाला ‘फैटी एसिड’ भी सूजन और त्वचाकी लालिमाको कम करता है । मूंगफलीमें पाया जानेवाला ‘फाइबर’ विषाक्त पदार्थों और हानिकारक तत्त्वोंको शरीरसे बाहर निकालनेके लिए उत्तम है । शरीरके भीतर विषाक्त पदार्थ होनेसे […]

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घरका वैद्य – मूंगफली (भाग-३)


५. शीत प्रकोपके लिए लाभकारी : मूंगफली ठण्ड और ‘जुकाम’के लिए बहुत लाभदायक है । यदि आप शीतकालके वातावरणमें मूंगफली खाएंगे तो आपका शरीर ‘गर्म’ रहेगा । यह खांसीमें उपयोगी है व फेफडोंको सशक्त करती है । मूंगफली खानेके पश्चात शीघ्र जल नहीं पीना चाहिए । ६. ‘कोलेस्ट्रॉल’के लिए लाभदायक : मूंगफलीमें ‘मोनो-अनसैचुरेटेड फैटी-एसिड’ पाया […]

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