मधुको शीतकालमें उष्ण पेयके साथ, ग्रीष्म ऋतुमें ठण्डे पेयके साथ तथा वर्षा ऋतुमें प्राकृतिक रूपसे ही सेवन करना चाहिए । मधुको अग्निपर कभी भी नहीं तपाना चाहिए । अधिक उष्ण पदार्थ मधुमें मिलानेसे मधुका गुण नष्ट हो जाता है; अतः इसे हलके गुनगुने दूध, जलमें ही मिलाना चाहिए । घी, तेल, चिकने पदार्थके साथ सम-मात्रामें […]
◆ रूईकी बत्ती बनाकर मधुमें भिगोकर जलाएं । यदि बत्ती जलती रहे तो मधु शुद्ध है । ◆ एक जीवित मक्खी पकडकर मधुमें डालें और उसके ऊपर मधु डालकर मक्खी को दबा दें । मधु शुद्ध होनेपर मक्खी मधुमेंसे स्वयं ही निकल आएगी और उड जाएगी । ◆ मक्खीके पंखोंपर मधु नहीं चिपकता । वस्त्रोंपर […]
इसमें शरीरके लिए आवश्यक खनिज पदार्थ : लोहा, ताम्बा, ‘मैंगनीज’, ‘सिलिका’, ‘कैल्शियम’, ‘पोटेशियम’, ‘फॉस्फोरस’, गन्धक, ‘आयोडीन’, ‘कैरोटीन’ और ‘एंटीसेप्टिक’ तत्त्व अधिक पाए जाते हैं । मधु शुद्ध होनेपर ही लाभकारी है । अन्य औषधियोंका सेवन करानेके लिए मधु, माध्यमके रूपमें कार्यमें ले सकते हैं । शुद्ध मधुका परीक्षण करनेके लिए, मधुकी कुछ बूंदें पानीमें डालें […]
मधु हलका होता है । उदरमें पहुंचते ही तुरन्त पचकर रक्तमें मिश्रित हो जाता है और शरीरमें बलका संचार कर देता है । मधुको जिस भी पदार्थके साथ मिला लिया जाए, उसी प्रकारके प्रभाव दिखाता है अर्थात उष्ण पदार्थके साथ लें तो उष्ण प्रभाव देता है और यदि ठण्डे खाद्यान्नके साथ लें, तो ठण्डा प्रभाव […]
दीर्घकालतक चावलका भण्डारण करनेकी कुछ पद्धतियां (भाग-इ) जिस आपातकालकी बात द्रष्टा सन्त कर रहे थे वह आ चुका है और यह अभी दिसम्बर २०२४ तक चलेगा । कभी महामारी, कभी प्राकृतिक आपदाएं, कभी गृहयुद्ध तो कभी विश्व युद्धके कारण आपात स्थिति निर्मित होगी । ऐसी स्थितिमें हमें इस कालमें कुछ पूर्वसिद्धताके करके रखनी होगी और […]
दीर्घकालतक चावलका भण्डारण करनेकी कुछ पद्धतियां (भाग-आ) जिस आपातकालकी बात द्रष्टा सन्त कर रहे थे वह आ चुका है और यह अभी दिसम्बर २०२४ तक चलेगा । कभी महामारी, कभी प्राकृतिक आपदाएं तो कभी विश्व युद्धके कारण आपात स्थिति निर्मित होगी । ऐसी स्थितिमें हमें इस कालमें कुछ पूर्वसिद्धताके करके रखना होगी और इसमें सबसे […]
दीर्घकालतक चावलका भण्डारण करनेकी कुछ पद्धतियां (भाग-अ) जिस आपातकालकी बात द्रष्टा सन्त कर रहे थे वह आ चुका है और यह अभी दिसम्बर २०२४ तक चलेगा । ऐसी स्थितिमें हमें इस कालमें कुछ पूर्वसिद्धताके करके रखना होगी और इसमें सबसे महत्त्वपूर्ण है, अन्नका भण्डारण । आज हम चावलका भण्डारण कैसे कर सकते हैं ? इसकी […]
मक्का या भुट्टाका चयन और लम्बे समयतक सुरक्षित रखनेकी प्रणालीमें, इन्हें क्रय करते समय ध्यान रखना होगा कि यह ‘ताजे’ हों और इनपर किसी प्रकारका दाग या धब्बा न दिखे । कक्षके सामान्य तापमानपर स्वच्छ मक्काको तीन दिनतक रखकर प्रयोग किया जा सकता है । यदि इन्हें तीन दिनमें नहीं खानेवाले हैं, तो इन्हें ‘प्लास्टिक’से […]
* ‘अल्जाइमर’में सहायता : मक्का या भुट्टा ‘अल्जाइमर’में (भूलनेके रोगमें) भी अत्यधिक सहायक होता है । कारण है इसमें पाया जानेवाला ‘विटामिन-ई’, जो एक शक्तिशाली ‘एंटीऑक्सीडेंट’ भी है । ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ मोलिकुलर साइंसेज’के एक शोधमें इस बातको माना गया है । साथ ही यह भी बताया गया है कि ‘अल्जाइमर’के रोगमें ‘विटामिन-ई’ महत्त्वपूर्ण भूमिका […]
* हृदयके स्वास्थ्यके लिए उपयोगी : भुने हुए मक्काके दानोंसे (पॉपकॉर्नसे) सम्बन्धित एक शोधमें माना गया है कि इसमें उपस्थित ‘फिनोलिक’ यौगिक ‘एंटीऑक्सीडेंट’ गुणसे समृद्ध होते हैं । इस गुणके कारण मक्का हृदय रोग और उच्च रक्तचापमें लाभ पहुंचानेका कार्य कर सकती है । शोधमें यह भी विवरण मिलता है कि इस कार्यमें मक्कामें ‘फेरुलिक […]