हिन्दू राष्ट्र

निधर्मी लोकतन्त्र हिन्दुत्ववादियोंको सुरक्षा देनेमें असक्षम !


आए दिन देशके भिन्न राज्योंमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, बजरंग दल इत्यादि बलाढ्य राष्ट्रवादी संगठनके कार्यकर्ताओंकी हत्या, एक हिन्दुत्ववादी कही जानेवाली केंद्र शासनके कार्यकालमें होना और वह भी तब जब स्वयं इस देशके प्रधानमन्त्री ऐसे ही एक दलके प्रचारक और सदस्य रह चुके हैं, यह स्पष्ट दर्शाता है कि इस देशकी और हिन्दुओंकी स्थिति दिन-प्रति-दिन विकट […]

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गान्धीजीके कृत्योंके कटु सत्यसे मुख फेरनेवाले पक्ष क्या कभी भी हिन्दू राष्ट्र ला सकती है ?


गान्धीजीके कृत्योंके कटु सत्यसे मुख फेरनेवाले तथाकथित हिन्दुत्ववादी पक्ष क्या भारतमें कभी भी हिन्दू राष्ट्र ला सकती है ? सत्ताकी इच्छा रखनेवालो, सत्यसे मुख फेरनेवालेके पास सत्ता अधिक समय नहीं टिकती है, यह सिद्धान्त ध्यानमें रखकर निर्भय होकर सत्य और धर्मका साथ दें !

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आगामी हिन्दू राष्ट्र कैसा होगा ?


हिन्दू राष्ट्र राम राज्य समान होगा और रामराज्यका वर्णन करते हुए सन्त शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदासजीने रामचरितमानसमें लिखा है- दैहिक दैविक भौतिक तापा। राम राज नहिं काहुहि ब्यापा॥ सब नर करहिं परस्पर प्रीती। चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीती॥१॥ अर्थ : ‘रामराज्यमें दैहिक, दैविक और भौतिक ताप किसीको नहीं व्यापते । सब मनुष्य परस्पर प्रेम करते हैं […]

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यदि हिन्दुत्त्वनिष्ठ पक्ष सत्तामें नहीं आया तो बंगाल देशका अगला कश्मीर होगा !


इस बारकी बंगालके चुनाव देखकर यह तो सिद्ध हो चुका है कि यदि वहां कोई हिन्दुत्त्वनिष्ठ पक्ष सत्तामें नहीं आया तो वह भारत देशका अगला कश्मीर होगा ! देशको हिंसा और अराजकताकी ओर धकेलनेवाले इन स्वार्थी नेताओंके पापका कोई प्रायश्चित सम्भव है क्या ?

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हिन्दू राष्ट्र आवश्यक क्यों ?


हिन्दू बहुल देशमें हिन्दुओंका अपने गांव, नगर या राज्य छोडकर जानेका क्रम थमा नहीं है | उत्तर प्रदेशमें धर्मांधोंके उपद्रवसे व्यथित होकर अब सहारनपुरके ग्राम दाबकीके निकटकी वसतिगृहसे (कॉलोनीसे) भी हिन्दू……

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स्वयंकी या राष्ट्रकी रक्षा करने हेतु दुर्जनोंका संहार करना पाप नहीं !


स्वयंकी या राष्ट्रकी रक्षा करने हेतु दुर्जनोंका संहार करना पाप नहीं, यह अहिंसाको अपना परम धर्म माननेवाले बौद्ध देशसे सम्पूर्ण विश्व सीखे !

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श्रीलंकामें प्रथम आतंकी आक्रमणके पश्चात ही बुर्काको किया प्रतिबन्धित!


श्रीलंकामें प्रथम आतंकी आक्रमणके पश्चात ही बुर्काको राष्ट्रीय सुरक्षाको ध्यानमें रखते हुए प्रतिबन्धित किया जा रहा है और वहांके मुस्लिम समुदायने भी इसका अनुमोदन किया है | क्या अनेक दशकोंसे आतंकवादसे ग्रस्त भारत, जिसमें सहस्रों सामान्य लोगों और सैनिकोंके प्राण गए हैं, ऐसा करनेकी  क्षात्रवृत्ति रखता है ?

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राजनेताओंपर गम्भीर आरोप होनेपर भी दूसरोंपर अंगुली उठाते हैं !


एक कहावत है,  जिनके घर शीशेके होते हैं, वह दूसरोंके घरोंपर पत्थर नहीं मारा करते  ! साध्वी प्रज्ञा ठाकुरपर अंगुली उठानेवाले बहिर्मुख………

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नेतागण वास्तविक जीवनमें उच्च कोटिके अभिनेता!


ये नेतागण वास्तविक जीवनमें उच्च कोटिके अभिनेता होते हैं, ऐसा आप समझ सकते हैं, जैसे चलचित्र जगतके अभिनेताका कार्य लोगोंको अपने अभिनयसे बांधकर धन अर्जित करना होता है वैसे ही………..

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लोकतान्त्रिक व्यवस्थाके राज्यकर्ताओं द्वारा प्रजामें फूट, वैमनस्य एवं जात-पातका भेदभाव हो रहा प्रसारित!


राजा प्रजापालक होता है, वह अपनी प्रजामें एक्य, समता और आपसी सौहार्दका गुण पल्लवित करता है; किन्तु कलियुगी लोकतान्त्रिक व्यवस्थाके तमोगुणी राज्यकर्ता अपनी प्रजामें फूट, वैमनस्य एवं जात-पातके भेदभावके अवगुणको प्रसारित करता है; इसलिए ऐसे निधर्मी लोकतंत्रका अन्त होना चाहिए !

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