छद्म सिद्ध हुआ ‘एआईयूडीएफ’ प्रमुख बदरुद्दीन अजमलका भारतको इस्लामिक राष्ट्र बनानेका ‘वीडियो’, वास्तविक ‘वीडियो’में भी बोला झूठ
११ मार्च, २०२१
असममें विधानसभा चुनावसे पूर्व एक ‘वीडियो’ सामाजिक जालस्थलोंपर साझा हो रहा है, जिसमें ‘एआईयूडीएफ’के प्रमुख बदरुद्दीन अजमलको अत्यधिक साम्प्रदायिक व भडकाऊ टिप्पणियां करते हुए सुना जा सकता है । ‘वीडियो’ एक स्पष्ट रूपसे विवादास्पद राजनेताद्वारा दिए गए अनेक भाषणोंकी टिप्पणियोंका संकलन है । जांचसे ज्ञात हुआ कि अजमलने पूर्व कालमें उत्तेजक और साम्प्रदायिक भाषण दिए तो हैं; परन्तु इस भाषणमें उन्होंने ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की थी । इस भाषणको अनुचित प्रकारसे लोगोंके सम्मुख प्रस्तुत किया गया है । सामाजिक जालस्थलोंपर जो ‘वीडियो’ साझा हो रहा है, वह एक ‘डॉक्टर्ड वीडियो’ है अर्थात छद्म रूपसे बनाया गया ‘विडियो’ ।
उनके वास्तविक भाषणका अनुवाद कुछ इस प्रकार है, “इस भारतमें, मुगल बादशाहोंने ८०० वर्षोंतक शासन किया । उन्होंने कभी स्वप्नमें भी नहीं सोचा था कि वे इस देशको इस्लामिक राष्ट्र बनाएंगे । यदि वे ऐसा करनेका सोचते तो ८०० वर्षोंमें समूचे भारतमें एक भी हिन्दू व्यक्ति नहीं रहता । सभीको मुसलमानके रूपमें परिवर्तित किया गया होगा । क्या उन्होंने उन्हें परिवर्तित किया ? क्या उन्होंने ऐसा किया ? उन्होंने इसका प्रयास नहीं किया, उन्होंने इसका साहस नहीं किया । उसके पश्चात २०९ वर्षोंतक, अंग्रेजोंने इस देशपर शासन किया । यहांतक कि उन्होंने भी भारतको ईसाई राष्ट्र बनानेका प्रयास नहीं किया । उसके पश्चात, राष्ट्र स्वतन्त्र होनेके पश्चात कांग्रेसने ५५ वर्ष शासन किया । जवाहरलाल नेहरू, शास्त्रीसे लेकर राजीव गांधीतक, मनमोहन सिंहतक, नरसिम्हा रावतक, एक भी नेताने भारतको हिन्दू राष्ट्र बनानेका स्वप्न नहीं देखा था । मोदीजी, इसका स्वप्न मत देखो, आपका स्वप्न सत्य नहीं होगा ।”
यद्यपि प्रसारित वीडियो सम्पादित हो सकता है; परन्तु वास्तविक ‘वीडियो’ भी इतना विषैला है कि उसे भी कम नहीं बताया जा सकता । एक तो बदरुद्दीन झूठपर झूठ बोल रहे हैं । आक्रान्ता व क्रूर मुगल इस देशको इस्लामिक राष्ट्र नहीं बना पाए, यह उन आतंकियोंकी दयालुता नहीं, वरन इस देशकी सांस्कृतिक विशालता, धनाढ्यता और हमारे महान पूर्वजोंके महान संघर्षको दिखाता है कि इतनी शताब्दियोंतक उन्होंने संघर्ष किया और इस देशको मुगलोंके अधीन नहीं होने दिया । ऐसे वीर साहसी हमारे पूर्वजोंको नमन । वे वीर थे अन्यथा हिन्दू महिलाओंका शील हरणकर, गांवके गांव लूटनेवाले व शान्त भारतको श्मशान बनानेवाले आतातायी मुगल कैसे मौन रह सकते थे ? और बदरुद्दीन कुछ भी कहें और करें, यह देश हिन्दू राष्ट्र बनेगा ही बनेगा, भाजपा नहीं बनाएगी, तो भी स्वयं ईश्वर बनाएंगे और सहस्र वर्षोंके इस कलङ्कको मिटाएंगे, जिससे यह देश पुनः विश्वगुरु बने । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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