‘दारुल उलूम’वाले देवबंदमें आतंकवाद निरोधी दलकी स्थापनासे भडका समाजवादी दल
१९ अगस्त, २०२१
उत्तर प्रदेशके देवबंदमें विगत दिवस मुख्यमन्त्री योगीजीके परामर्शदाता शलभ मणि त्रिपाठीने ‘ट्वीट’ किया है कि ‘तालिबान’की बर्बरताके मध्य यह सूचना भी सुनिए । योगीजीने तुरन्त प्रभावसे देवबंदमें आतङ्कवाद निरोधी विभाग खोलनेका निर्णय लिया है ।”
उन्होंने जानकारी दी है कि इसके लिए युद्धस्तरपर कार्य आरम्भ भी हो गया है, उल्लेखनीय है कि देवबंदमें ही ‘दारुल उलूम’ स्थापित है, जहांसे इस्लामी देवबंदी अभियान आरम्भ हुआ था । ‘तालिबान’को भी इसी विचारधारासे प्रेरित बताया जाता है । आतङ्कके विषयमें भी देवबंद कलङ्कित रहा है । यहांसे कुछ ही दूरी पर सहारनपुरसे भी कई आतङ्की पकडे जा चुके हैं । देवबंदमें ३०० से अधिक मदरसे हैं ।
सूचनानुसार देवबंदसे पूर्व लखनऊ और नोएडामें ‘एटीएस’का ‘कमांडो ट्रेनिंग सेंटर’ खोलनेकी सिद्धता हो रही है । लखनऊमें अमौसी और ‘नोएडा’में अन्तरराष्ट्रीय विमानतलके पास इस विभागकी स्थापनाका निर्णय लिया गया है ।
यद्यपि, योगी शासनके इस निर्णयसे अप्रसन्न समाजवादी दलके विधायक रामगोविंद चौधरीका कहना है कि देवबंद इस्लामिक शिक्षाका बडा केन्द्र है, जो विश्वभरमें इस्लामिक शिक्षाके लिए प्रसिद्ध है । ऐसेमें ’एटीएस कमांडो सेंटर’ स्थापितकर, योगी शासन मुसलमानोंको भयभीत कर रहा है ।
आतङ्कवाद निरोधी दलका प्रशिक्षण स्थल तो नागरिकोंकी सुरक्षाके लिए है, तब मुसलमानोंको इनसे इतना भय क्यों है ? क्या इसलिए कि प्रत्येक पकडा जानेवाला आतङ्की मुसलमान होता है !
राजनीतिक स्वार्थ हेतु ऐसे वक्तव्य अनुचित है, सभी हिन्दुओंको मिलकर ऐसे नेताओं और दलोंका विरोध करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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