‘कोरोना’ सङ्कटमें कार्य कर रहे स्वयंसेवकोंको उद्विग्न करनेके आक्षेपोंका देहली पुलिसने किया खण्डन, वामपन्थी-कांग्रेसीने प्रसारित किया असत्य समाचार


२६ अप्रैल, २०२१
    राष्ट्रीय राजधानी देहली जिस प्रकारसे ‘कोरोना’की विकट स्थितिसे सङ्घर्ष कर रही है, उसी प्रकार मोदी विरोधी जो सामाजिक अन्तर्जालमें क्रियाशील हैं, वे निरन्तर असत्य समाचारका प्रचार-प्रसार कर रहे हैं ।
    देहलीके अधिवक्ता एवं स्तम्भ लेखक दुष्यन्तने रविवारको ट्वीट किया कि देहली पुलिस उन्हें महामारीके मध्य अपने ‘व्हाट्सऐप्प’ गुट सहित दूसरे ‘क्राउडसोर्सिंग’ प्रयासोंको अवरुद्ध करनेके लिए चेतावनी दे रही है । ट्वीटके पश्चात ‘एनडीटीवी’की गार्गी रावत अंसारी सामाजिक अन्तर्जालपर उनके साथ जुडी और ‘ट्वीट’ किया, “क्या देहली पुलिस इन स्वयंसेवकोंके विरुद्ध कार्य कर रही है ? ; क्योंकि वे दुर्लभ संसाधनोंको उपलब्ध करवा रहे हैं । देहली पुलिस स्वयंसेवकोंद्वारा किए जा रहे सहायक कार्योंको अवरुद्ध करनेका प्रयास कर रही है ।” ज्ञातव्य है कि दुष्यन्त और गार्गी कांग्रेसके समर्थक हैं ।
    देहली पुलिसका आधिकारिक कथन है कि सामाजिक अन्तर्जालपर जो असत्य समाचार प्रसारित किए जा रहे हैं, उनका कोई भी प्रमाण नहीं है;  देहली पुलिसने दुष्प्रचारकोंके आक्षेपोंका खण्डन किया है ।
    देहली पुलिसने कहा कि वह इस प्रकारके पूर्वाग्रहसे प्रेरित, असत्यापित और निराधार आक्षेपोंपर कठोर आपत्ति प्रदर्शित करते हुए स्वयंसेवकोंसे संसाधन और सूचना विस्तारके लिए कहा है । पुलिसने स्पष्ट किया कि ‘कोरोनो’ सङक्रमण सङ्कटके मध्य प्राणवायुकी आपूर्ति एवं अन्य आवश्यक सहायता करनेके लिए वे ‘घुटनोंके बल खडे हैं’ और इस प्रकारके दुष्प्रचार उन्हें अच्छे कार्योंको करनेसे अवरुद्ध नहीं कर सकते हैं ।
      राष्ट्रद्रोहियोंके ऐसे कुकृत्य, उनकी खरी निकृष्ट छविको उजागर कर रहे हैं । कद्चित ऐसे लोगोंको दण्ड इस आपातकालमें ही मिल जाए;  परन्तु यदि वे जीवित बचे तो निश्चित ही हिन्दू राष्ट्रमें कठोरतम दण्डके पात्र होंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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