नेपालसे लगे जनपदोंमें २.५ गुना बढे मुसलमान, २ वर्षमें ही ४०० ‘मदरसे-मस्जिद’


२९ सितम्बर, २०२१
       उत्तराखंडके कई क्षेत्रोंमें मुसलमानोंकी बढती जनसंख्याने सुरक्षा विभागोंकी चिन्ता बढा दी है । सुरक्षा विशेषज्ञ भी मानते हैं कि नेपालकी सीमासे लगे क्षेत्रोंमें हो रहे ये परिवर्तन सामान्य नहीं है ।
       सुरक्षा विभागद्वारा गृह मन्त्रालयको दी गई सूचनामें कुमाऊंके ऊधमसिंह नगर, चम्पावत व पिथौरगढको संवेदनशील श्रेणीमें रखा गया था । इनमें पिथौरगढके दो क्षेत्र धारचूला व जौलजीवीको अतिसंवेदनशील श्रेणीमें रखा गया था । उत्तराखंडके सीमावर्ती क्षेत्रोंके अतिरिक्त उत्तर प्रदेशमें भी कई क्षेत्रोंको लेकर सतर्क किया गया था । इसका कारण था कि विगत २ वर्षोंमें बहराइच, बस्ती व गोरखपुर मण्डलसे लगी नेपाल सीमापर वहां ४०० से अधिक मुसलमानी शिक्षण संस्थान और अन्य केन्द्र खुले, जिसकी पूर्वसूचना सुरक्षा विभागोंने अपनी सूचनामें दी ।
       ‘डीआइजी’ डॉ. नीलेश आनंद भरणेने इस सम्बन्धमें बताया कि ‘डेमोग्राफिक’ परिवर्तनको लेकर सीमावर्ती जनपदोंमें गुप्तचर बविभाग सभी बिन्दुओंकी जांच कर रहा हैं । पडतालके पश्चात ज्ञात होगा कि संख्यामें वृद्धि इतनी तीव्रतासे क्यों हो रही है ?
       सुरक्षा विभागका मानना है कि पाकिस्तानका गुप्तचर विभाग नेपालके मार्गसे, भारतमें सक्रिय है । इस सम्बन्धमें पूर्वमें भी चेतावनी दी गई थी । कथित रूपसे, योजना अनुसार, मुसलमानी शिक्षण संस्थानोंको उन्हीं क्षेत्रोंमें अधिकतर खोला जा रहा है, जो युद्धनीतिकी दृष्टिसे महत्त्वपूर्ण हैं ।
      उत्तराखंडके मुख्यमन्त्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तर प्रदेशके मुख्यमन्त्री योगीजीद्वारा इस विषयमें विशेष रूपसे कार्यवाही करते हुए जिहादियोंद्वारा रचित षड्यन्त्रको समय रहते कुचल दिया जाना चाहिए और सभी हिन्दुओंको भी व्यक्तिगत व सामूहिक रूपसे जिहादियोंके विरुद्ध प्रशासनको सहयोग करना चाहिए । स्मरण रहे ! यह म्लेच्छ इतनी सरलतासे नहीं सुधरनेवाले । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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