देव स्तुति


गजवक्त्रं  सुरश्रेष्ठं  कर्णचामरभूषितम्  ।
पाशाङ्कुशधरं देवं वन्देऽहं गणनायकम् ॥
अर्थ : हाथीके मुखवाले देवताओंमें श्रेष्ठ, कर्णरूपी चामरोंसे विभूषित तथा पाश एवं अंकुशको धारण करनेवाले भगवान श्रीगणनायक गणेशकी मैं वन्दना करता हूं ।


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