जनवरी २८, २०१९
कांग्रेसके वरिष्ठ नेता और कर्नाटकके पूर्व मुख्यमन्त्री सिद्धारमैयाका एक वीडियो सामने आया है । जिसमें वो एक महिलासे कहासुनीके पश्चात उसे धक्का देते और धमकाते दिख रहे हैं । वीडियोमें सिद्धारमैया महिलापर क्रोधित होकर उससे ‘माइक’ छीनते दिख रहे हैं, इस प्रयासमें महिलाका दुपट्टा भी उनके हाथमें आ जाता है । इसके पश्चात वो महिलाको धमकाते हुए चुपचाप होकर बैठ जानेको कहते दिखते हैं । यह घटना मैसुरूमें हुई एक सार्वजनिक बैठककी बताई जा रही है । इसपर महिला आयोगने भी संज्ञान लिया है । आयोगने कर्नाटकके डीजीपी नीलमणि राजूको प्रकरणकी जांच करनेको कहा है ।
मैसूरमें एक कार्यक्रममें जमीला नामकी एक महिला पूर्व मुख्यमन्त्रीके सामने उनके पुत्र यतीन्द्रकी परिवाद (शिकायत) लेकर पहुंची । यतीन्द्र वरुणा विधानसभा क्षेत्रसे विधायक हैं और मतदान विजयी होनेके पश्चात अपनी विधानसभामें नहीं दिखे हैं । जैसे ही महिलाने यतीन्द्रका नाम लिया, सिद्दारमैया भडक उठे । महिलाके अनुसार वह यतीन्द्रतक पहुंचनेमें असमर्थ थी, जिससे सिद्दरमैया क्रोधित हो गए । उन्होंने आक्रामक होकर सुझाव देते हुए कहा, “परिवादसे लगता है, जैसे मेरे पुत्रने बहुत बडा अपराध किया हो ।”
पूर्व मुख्यमन्त्रीके पुत्रने कहा कि उनके पिताके क्षमा मांगनेका कोई प्रश्न ही नहीं उठता है । उन्होंने कहा, “उन्हें इसप्रकारसे व्यवहार नहीं करना चाहिए था; परन्तु वह क्षमा नहीं मांगेंगे ।” यतीन्द्रने आगे कहा कि वह महिला कांग्रेस पार्टीका कार्यकर्ता है और सिद्दरमैयाकी बडी प्रशंसक है ।
सामाजिक प्रसार माध्यममें यह वीडियो आते ही प्रसारित हो गया, सभी लोग सिद्धारमैयाके इस कृत्यकी आलोचना कर रहे हैं । अग्निवीरने एक पुराना वीडियो साझा करके कहा कि महिलाओके प्रति अभद्रताका पुराना इतिहास हैं ।
“ महिला सशक्तिकरणकी बातें करनेवाले राहुल गांधीका क्या यही महिला सशक्तिकरण है ? आजके राजनेताओंका अहंकार सांतवें आकाशपर है कि साधारण नागरिकको पालतू पशुसे अधिक नहीं मानता है । पूर्व मुख्यमन्त्री अपने राजनीतिके अयोग्य पुत्रकी चूक स्वीकारनेके स्थानपर महिलाको ही कोस रहे हैं, इससे सिद्ध होता है कि मन्त्री राजनीतिके साथ-साथ सामाजिक रूपसे अयोग्य है और अपनी अयोग्यताको क्रोधके पीछे छिपा रहे हैं ! आजकी इस स्वार्थी व विकृत राजनीतिको सुधारने हेतु हिन्दू राष्ट्रकी आवश्यकता है, जिसमें सभी नेता जनतासे पुत्रवत व्यवहार ही करेंगें ! ” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नई दुनिया
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