दीपावलीकी रात देवालयमें घुस तोडीं भगवान राम-सीता और हनुमानकी प्रतिमाएं !


नवम्बर ८, २०१८

देशकी राजधानीसे कुछ किलोमीटरकी दूरीपर स्थित ग्रेटर नोएडाके जेवरसे दीपावलीकी अगली प्रातः एक ऐसा समाचार आया, जिसने समूचे क्षेत्रमें आक्रोशका वातावरण पैदा कर दिया । दीपावलीको भगवान रामके अयोध्या लौटनेके पर्वके रूपमें मनाया जाता है, लेकिन जेवरमें इसी दिवस श्रीरामकी प्रतिमा तोड दी गई !

उल्लेखनीय है कि गत रात्रि, ७ नवम्बर जेवरके नगला गणेशी गांवके सीताराम मंदिरमें असामाजिक तत्वोंने भगवान राम, माता सीता और हनुमानकी प्रतिमाएं तोड दी है ! यह देवालय उस भूमिपर स्थित है, जो जेवर विमानतलके (एयरपोर्ट) लिए अधिगृहित है ।

असामाजिक तत्वोंने भगवान रामकी प्रतिमाके हाथ पैर और सिर तोड दिए ! हनुमानजी की प्रतिमाकी गर्दन तोडनेके साथ ही माता सीताकी प्रतिमाके हाथ भी तोड दिए गए !

जब गुरुवार, ८ नवम्बर प्रातः ४ बजे देवालयका पुजारी वहां प्रतिदिनकी भांति पूजा पाठ करने पहुंचा तो देवालय व प्रतिमाओंकी स्थिति देख पुजारीने इसकी सूचना गांवावालोंको दी । धीरे-धीरे ये बात आसपासके गांवों तक फैल गई और सैकडों लोग एकत्र होकर प्रदर्शन करने लगे ।

भीडने वहां दो-तीन बार मार्ग बाधित करनेका प्रयास किया, यद्यपि पुलिसने समझाबुझाकर प्रदर्शन शान्त कराया । इस मध्य पुलिस प्रशासन निरन्तर यह प्रयास कर रहा है कि देवालयमें नूतन प्रतिमा स्थापित करा दे और प्रकरण शान्त करें, लेकिन स्थानीय निवासियोंकी मांग है कि प्रतिमा तो वे स्वयं स्थापित करा लेंगे,लेकिन जो आरोपी हैं उन्हें शीघ्रातिशीघ्र पकडा जाए ।

 

“हिन्दुओंकी भीरू प्रवृत्ति, धर्मके प्रति उदासीनता, लोभी वृत्तिने आज धर्मान्धों व उपद्रवियोंका साहस इतना बढा दिया है कि आज वे देवालयमें घुसकर प्रतिमाओंको तोडने लगे हैं और धर्मरक्षण हेतु भी प्रशासनके समक्ष हाथ फैलाने पडते है; इस स्थितिको परिवर्तन करने हेतु हिन्दू राष्ट्रकी आवश्यकता है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : अमर उजाला



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