जुलाई ३०, २०१८
‘एथिकल हैकर्स’ने रविवारको दावा किया कि उनके पास भारतके दूरसंचार नियामक प्राधिकरणके (ट्राई) प्रमुख राम सेवक शर्माके बैंक खातेकी सूचनाएं है ! उन्होंने ‘ट्विटर’केद्वारा इसकी सूचना दी । उन्होंने आधार युक्त ‘पेमेंट सर्विस ऐप्स’ जैसे भीम और ‘पेटीएम’के द्वारा शर्माको १ रुपया भेजनेके पटलचित्र (स्क्रीनशॉट) डाले हैं । इतना ही नहीं उन्होंने ‘ट्रांजेक्शन आईडी’ भी डाली हैं ।
ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि शर्माने शनिवारको ‘हैकर्स’को चुनौती देते हुए अपना आधार नम्बर ७६२१ ७७६८ २७४० डाला था । उन्होंने आधारकी आलोचना करने वाले लोगोंसे कहा था कि यदि सम्भव हो तो वे उन्हें हानि पहुंचाकर दिखाएं ! यद्यपि हम उनके अंकोकी पुष्टि नहीं करते हैं । रविवारको ‘एथिकल हैकर्स’ जिसमें एलियट एण्डरसन, पुष्पेन्द्र सिंह, कनिष्क सजनानी, अनिनार अरविन्द और करण सैनीने बताया कि उनकी १४ सूचनाओंका रहस्योदघाटन हो चुका हैं ।
इनमें शर्माका चलभाष क्रमांक, घरका पता, जन्मतिथि, पैन क्रमांक, वोटर आईडी, दूरसंचार संचालक (टेलिकॉम ऑपरेटर), चलभाषका मॉडल और एयर इण्डियाकी ‘फ्रीक्वेण्ट फ्लायर आईडी’ सम्मिलित हैं । उन्होंने यह भी दावा किया है कि उनके पास शर्माके पांच बैंक खाता – पीएनबी, बैंक ऑफ इण्डिया, एसबीआई, कोटक महिन्द्रा और आईसीआईसीआईका क्रमांक और आईएफएससी सांकेतिक अंक (कोड) विद्यमान है।
अनिवर अरविन्द और अन्यने शर्माके बैंक ऑफ इण्डिया खातेमें एईपीएसकेद्वारा एक रुपया भेजनेका दावा किया । ‘ट्विटर’ उपभोक्ताओंने ट्राई अधिकारीको सतर्क करते हुए कहा कि उनकी स्वीकृतिके बिना उन्हें धन भेजनेमें सक्षम होना, उनकी भयादोहन (ब्लैकमेलिंग), धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) और अन्य संकटोंकी भी कारण हो सकता है । ‘हैकर्स’ने उनके ‘डीमैट अकाउण्ट’की सूचना, राइट विंग जालस्थलकी तीन वर्षकी अभिदान कुंजी (सबस्क्रिप्शन की), एसबीआई ‘डेबिट कार्ड’से भुगतान विवरण (पेमेंट हिस्ट्री) और २ जुलाई २०१८ को लीला धर ऑर्गेनिक्ससे आधार कार्डका प्रयोग करके क्रय किए गए प्राकृतिक सामान भी डाले गए ।
‘एथिकल हैकर्स’ वह होते हैं जो किसी संगणकीय नेटवर्कको इसलिए ‘हैक’ करते हैं, ताकि उसकी सुरक्षाकी जांचकी जा सके, बिना किसी आपराधिक इच्छाके । यद्यपि आधार देनेे वाली संस्था ‘यूआईडीएआई’ने रविवारको कहा कि आधार पूर्ण रूपसे सुरक्षित है । ‘यूआईडीएआई’का कहना है कि ‘हैकर्स’को शर्मा के बारे में यह सभी सूचना गूगलसे मिली हैं; क्योंकि वह लम्बे समयसे शासकीय कर्मचारी हैं !
स्रोत : अमर उजाला
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