अगस्त २३, २०१८
गत कुछ दिवसोंसे शान्त कश्मीरमें ईदके अवसरपर काफी घमासान हुआ ! नमाज पढकर लौट रहे एक पुलिसकर्मीके अतिरिक्त एक भाजपा कार्यकर्ताकी भी हत्या कर दी गई ! उपद्रवियोंने पाकिस्तान व ‘आईएसआईएस’के झण्डे लहराए, पत्थरबाजी की ! साथ ही श्रीनगरके हजरत बल मस्जिदमें नेकांके प्रमुख व पूर्व मुख्यमन्त्री फारूक अब्दुल्लाके विरूद्ध नारेबाजी हुई । उनपर जूते फेंके गए ! ज्ञात हो कि अब्दुल्लाने दिल्लीमें अटलजीके श्रद्धांजलि समारोहमें ‘भारत माताकी जय’का उद्घोष किया था, इसके विरोधमें उनसे दुर्व्यवहार किया गया । उन्हें मस्जिदसे लौटना पडा; लेकिन फारूकने कहा है कि ऐसी कृत्योंसे वह भयभीत होने वाले नहीं हैं ।
हजरतबल मस्जिदमें फारूक अब्दुल्ला नारेबाजीके मध्य भी चुपचाप बैठे रहे । इमाम ईदकी नमाज आरम्भ करते, इससे पूर्व दर्जनों युवा उन्हें वापस जानेको कहते रहे । नमाजका कार्यक्रम अस्त-व्यस्त हो गया । विवश होकर उन्हें वहां से लौटना पडा ।
बाद में समाचार माध्यमोंसे चर्चामें फारूक अब्दुल्लाने कहा, “यदि सिरफिरे लोगोंको लगता है कि फारूक भयभीत हो जाएगा तो यह उनका भ्रम है । मुझे ‘भारत माताकी जय’ बोलने से कोई नहीं बाधित कर सकता ! मैं भयभीत नहीं हूं ! प्रदर्शनकारियोंके इस व्यवहार से मुझे अन्तर नहीं पडता । भारत आगे जा रहा है और कश्मीरको भी अपने पांवपर खडा होना होगा । उन्हें यदि ऐसा करना था तो दूसरा समय चुनते । नमाजके समय ऐसा करना सही नहीं था !”
फारूक अब्दुल्लाने कहा कि अब भारत-पाकके मध्य शान्तिपूर्ण वार्ताका समय आ गया है । घृणा से बाहर निकलनेकी आवश्यकता है । यह देश हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और और यहां रहने वाले लोगोंका है । यदि ये समझते हैं कि ऐसे स्वतन्त्रता आएगी तो मैं इनको कहना चाहता हूं कि पहले बेरोजगारी, बीमारी और भुखमरी से स्वतन्त्रता पाओ !
ईदके अवसरपर श्रीनगर, कुलगाम, अनन्तनाग सहित घाटीके कई नगरोंमें अलगाववादियोंने बहुत उत्पात किया । नमाजके पश्चात आतंकियोंने सेनाके वाहनोंपर पत्थर फेंके ! इस मध्य वे पाकिस्तान और ‘आईएसआईएस’का झण्डा लहराते हुए ‘पाक जिन्दाबाद’के उद्घोष भी कर रहे थे । सेनाको उपद्रवियोंपर नियन्त्रण पानेके लिए आंसू गैसका प्रयोग करना पडा ।
उपद्रवी इतने हिंसक हो गए कि उन्होंने नमाज कर लौट रहे पुलिसकर्मी फयाज अहमद शाहकी उनके घरके निकट गोली मारकर हत्या कर दी ! वह पुलिसमें प्रवेशके पश्चात प्रशिक्षण ले रहे थे । ईद मनाने घर आए थे ।
आतंकियोंने मंगलवार रात पुलवामासे अपहरित भाजपा कार्यकर्ता शबीर अहमद बटकी भी गोली मार कर हत्या कर दी ! उसका शव कुपवाडामें एक खेत से मिला ! बटको सशस्त्र सुरक्षाकर्मी प्रदान किए गए थे ।
“क्या धर्म यही सब शिक्षा देता है ? किसी पर्वके पश्चात इस प्रकार सामूहिक हत्याएं व उपद्रव होता हो तो ऐसे कार्यक्रमपर ही प्रतिबन्ध लगाना चाहिए और शासनने सेनाको ऐसे आतंकियोंको देखते ही गोली मारनेके आदेश देने चाहिए” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : दैनिक जागरण
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