हिन्दुओंको ईसाई बनानेके लिए चिकित्सालयोंका उपयोग करनेवाले थे ‘आईएमए’ प्रमुख, अब बाबा रामदेवपर दिया वक्तव्य


२३ मई, २०२१
‘आईएमए’ अर्थात ‘इंडियन मेडिकल एसोसिएशन’के अध्यक्ष डॉ. जयपालने बाबा रामदेवपर न्यायालयीन कार्यवाही करानेकी धमकी दी है । उल्लेखनीय है कि एक ‘वायरल वीडियो’में बाबा रामदेव कहते हैं कि ‘एलोपैथी’ औषधियां खानेसे लाखों लोगोंकी मृत्यु हुई । इसको लेकर ‘आईएमए’से केन्द्रीय स्वास्थ्य मन्त्रालयको पत्र लिखकर बाबा रामदेवके विरुद्ध कार्रवाई करनेकी मांग की है । उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य मन्त्रालय इसपर संज्ञान नहीं लेता, तो वे न्यायालय जाएंगे । ‘वायरल वीडियो’में बाबा रामदेवसे कहा, ”एलोपैथी ऐसा व्यर्थ विज्ञान है कि पहले इनकी ‘हाइड्रोऑक्सीक्लोरोक्वीन’ ‘फैल’ हो गई, तत्पश्चात ‘रेमडेसिविर’ तत्पश्चात ‘एंटीबायोटिक्स’, तत्पश्चात इनके ‘स्टेरॉयड’ ‘फैल’ हो गए । अब ‘प्लाज्मा थेरेपी’के ऊपर भी प्रतिबन्ध लग गया । ‘आइवरमेक्टिन’ और फैबिफ्लू भी ‘फैल’ ही हैं । ”
बाबा रामदेवके उपर्युक्त वक्तव्यपर ‘आईएमए’के अध्यक्ष
डॉ. जयलालसे बाबा रामदेवकी आलोचना की है । ज्ञातव्य है कि डॉ. जयपालने एक बार कहा था कि वे चाहते हैं कि ‘आईएमए’ ‘जीसस क्राइस्टके प्यार’को साझा करे और सभीको विश्वास दिलाए कि ‘जीसस’ ही व्यक्तिगत रूपसे रक्षा करनेवाले हैं । उन्होंने कहा था कि ‘चर्चों’ और ईसाई दयाभावके कारण ही विश्वमें पिछली कई महामारियों और रोगोंका उपचार आया ।
      यह कई शोधोंमें स्पष्ट हो चुका कि आधुनिक चिकित्साके अर्थात ‘एलोपैथी’के बहुत दुष्प्रभाव हुए हैं; इसलिए बाबा रामदेवका वक्तव्य अक्षरशः सत्य ही है । उनपर आक्रमण करना वस्तुतः भारतीय चिकित्सा पद्धतियोंकी हो रही पुनर्स्थापनापर आक्रमण है और यह ईसाई संस्थाओंके निर्देशपर किया जा रहा है । केन्द्रीय स्वास्थ्य मन्त्री और भारत शासन बाबा रामदेवके ‘बहाने’ होनेवाले इन आक्रमणोंपर संज्ञान ले और ऐसी संस्थाओंपर प्रतिबन्ध लगाए, जो आयुर्वेदका उपहास करती हों । सभी हिन्दू बाबा रामदेवके एलोपैथीके विरुद्ध दिए वक्तव्यका समर्थन करें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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