कांग्रेस ‘एमएलएके ठिकानोंपर हुई छापामारी, प्राप्त हुए आठ कोटि अवैध धन और सौ कोटिके हेराफेरीके प्रमाण


२४ फरवरी, २०२१
         मध्य प्रदेशमें कांग्रेसी ‘एमएलए’  निलय डागाके कई ठिकानोंपर आयकर विभागने छापा मारा है । निलय डागाके महाराष्ट्र स्थित सोलापुरके ठिकानेसे ७.५ कोटि धन अधिकारमें ले लिया गया है । रविवारके दिन आयकर विभागने छापामारी की थी । धन अधिक होनेसे उसे गिनना कठिन हो गया तो आयकर विभागको ‘नोट’ गिननेवाले यन्त्र लगाने पडे और सुरक्षा हेतु, रविवारको दो स्थानीय बैंकोंके दो विभागोंको विशेष रूपसे खुलवाना पडा ।
    वहींसे भागते हुए एक साथीके पकडे जानेपर, उसके ‘बैग’से भारी मात्रामें धन निकला, तो उसीके आधारपर कांग्रेसके ठिकानेपर छापा मारा गया, जहांपर उसी प्रकार ‘नोटों’से भरे कई थैले प्राप्त हुए । पूछताछ करनेपर कोई ब्यौरा न मिलनेपर, सारा धन आयकर विभागने अपने अधिकारमें ले लिया । इससे पूर्व भी कांग्रेसके ठिकानोंसे अवैध साठ लाख रुपये प्राप्त हुए थे । निलय तथा उसके भाइयोंद्वारा कोलकातामें विभिन्न संस्थानोंके छद्म लेन-देनके मध्य सौ कोटिके पत्रकके प्रमाण प्राप्त हुए हैं, जिनका मूल उद्देश्य कर-चोरी ही था । विदेशोंसे भी उनके काले धनके प्रमाण प्राप्त हुए हैं ।  इससे पूर्व मुख्यमन्त्री कमलनाथके सहयोगियोंसे भी १२ कोटि काला धन अधिकारमें लिया गया था ।
      देशविरोधी कांग्रेस दल अवैध धनके बलपर ही शासन करता रहा है ।  अधिकार पत्रोंद्वारा प्राप्त अवैध धनको छुपाना उनके लिए कठिन हो गया है । यह कार्यवाही मात्र आरम्भ है । यदि कांग्रेसके सभी नेताओंपर छापा मारा जाए तो अकल्पनीय अवैध धन मिल सकता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution