भगत सिंहको आतंकी बताने वाले प्राध्यापकके विरुद्घ जम्मू विश्वविद्यालयमें प्रदर्शन !!


नवम्बर २९, २०१८

भगत सिंहको आतंकी कहनेके आरोपमें जम्मू विश्वविद्यालयके राजनीतिक विभागके प्राध्यापक मोहम्मद ताजुद्दीन फंस गए हैं । शुक्रवार, ३० अक्तूबरको विद्यार्थियोंने रैली निकाल प्रदर्शन कर उन्हें पदसे हटानेकी मांग की । प्रदर्शनकारी छात्रोंने विविके मुख्य द्वारको एक घंटा बंद रखा । राजनीतिक विभागमें उनकी नेमप्लेट तोडी । इस मध्य प्राध्यापकके समर्थक विद्यार्थियोंने अलगसे रैली निकाल कर यह प्रकरण वापस लेनेकी मांग की ।


शुक्रवारको विश्वविद्यालय खुलते ही विद्यार्थियोंने प्राध्यापकके विरुद्घ हंगामा आरम्भ कर दिया । उप-कुलपति मनोज धरके कार्यालयका घेराव करनेके पश्चात विद्यार्थी राजनीतिक विज्ञान विभागमें घुस गए और नारेबाजी करने लगे । उन्होंने कहा कि भगत सिंह युवाओंके आदर्श हैं । उन्हें आतंकी बताना उनका अपमान है ।

जेयू प्रशासनने इस प्रकरणमें जांच बैठाई है । डीन एकेडमिक अफेयर्सकी अध्यक्षतामें जांच समिति सात दिनमें अपना ब्यौरा सौंपेगी । जांच पूर्ण होने तक ताजुद्दीनको पढानेसे मना किया गया है । जेयूके संचालक मीडिया डॉ. विनय ठुस्सूके अनुसार कुछ विद्यार्थियोंकी परिवादपर जांच करवाई गई है ।

प्रो. ताजुद्दीनने कहा कि आरोप निराधार है और सन्दर्भको समझनेकी आवश्यकता है । केवल एक अंशसे चीजोंको नहीं समझा जाता है । कक्षामें लेनिनपर पढा रहे थे । उस सन्दर्भमें उनकी जीवनी, उस समयकी परिस्थिति उसके भाईका वर्णन आया । जिन्हें आतंकी प्रचारका अध्यक्ष बताते हुए फांसी दी गई थी । कोई भी सरकार अपने विरुद्घ विद्रोह करने वालोंको आतंकी कहता है । उदाहरणके रूपमें समझाया गया कि हमारे लिए भगत सिंह क्रांतिकारी थे, किन्तु ब्रिटिस शासकके लिए आतंकी थे ।

‘जम्मू-कश्मीर फ्रीडम फाइटर एसोसिएशन’ने भगत सिंहको आतंकी बतानेपर जम्मू विश्वविद्यालयके प्राध्यापककी निंदा की है । अध्यक्ष वेद गंडोत्रा, उपाध्यक्ष राजीव महाजन, प्रदेश प्रधान आरसी पुरीने कहा कि भगत सिंह युवाओंके लिए आदर्श थे ।

‘भगत सिंह फाउंडेशन’ने भगत सिंहको आतंकी बतानेपर जम्मू विश्वविद्यालयके प्राध्यापकके विरुद्घ कडी कार्यवाहीकी मांग की है । प्रधान डॉ. तरण सिंहने कहा कि यह प्रकरण गम्भीर है और जम्मू विश्वविद्यालय प्रशासनको इस पर ठोस कार्यवाही करनी चाहिए । उन्होंने राज्यपालसे प्रकरणमें हस्तक्षेप करनेकी मांग की ।

 

“इस्राइल सदृश राष्ट्र जहां एक ओर भारतीय वीरोंका गान करता है, वहीं हम भगत सिंह सदृश हुतात्माओंको आतंकीका स्थान देते हैं और यह कोई प्रथम प्रकरण नहीं है । भारतीय शासन भी भगतको आजतक क्रान्तिकारी नहीं बता पाया ! यह सम्पूर्ण राष्ट्रके लिए लज्जाका विषय है ! यदि ऐसे ही क्रान्तिवीरोंकी विडम्बना होती रही तो क्या कोई विद्यावती पुनः किसी भगतको राष्ट्रके लिए भेजेगी क्या ?”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : अमर उजाला



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution