मुख्यमन्त्री अरविंद केजरीवालने देहलीके ४ भव्य विश्रामालय शासकीय अधिकारियोंके लिए किए गए आरक्षित 


२९ अप्रैल, २०२१
        ‘कोरोना’के बढते सङ्क्रमणके मध्य देहलीके मुख्यमन्त्री अरविन्द केजरीवालने देहलीके ४ भव्य विश्रामालयोंको ‘कोरोना’ चिकित्सालय जैसी सुविधाओंके केन्द्र बनानेका आदेश पारित किया है; जिनमें प्रशासनिक अधिकारियों तथा उनके परिवारके सदस्योंको चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें । इन विश्रामालयोंके २५० कक्ष इस हेतु आरक्षित रखनेका आदेश देहली शासनने दिया है ।
       जिन विशाल विश्रामालयोंको ‘कोरोना’ उपचार केन्द्रमें परिवर्तित करनेके आदेश दिए हैं, वे हैं, होटल जिंजर, शाहदराका होटल पार्क प्लाजा, कडकडडूमाका लीला एबीयन्स, हरि नगरका होटल गोल्डन ट्यूलिप एसेंशियल । मंगलवारको जारी किए आदेश अनुसार इन्हें राजीव गांधी सुपरस्पेशलिटी चिकित्सालय तथा दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालयसे जोडा जाएगा जिससे देहली शासन, स्वायत्त संस्थाओं और निगमके अधिकारियों तथा उनके परिवारोंका उपचार हो सके । वहीं  उच्च अधिकारियोंके ‘कोरोना’ ग्रस्त परिवार वहां संगरोध (क्वारंटाइन) भी किए जा सकेंगे ।
        भाजपा नेता कपिल मिश्रने इस आदेशपर व्यङ्ग्य करते हुए ‘ट्वीट’ किया है । उन्होंने लिखा है कि जब जनता एक चिकित्सालयमें एक स्थान, एक ‘ऑक्सीजन सिलेंडर’ प्राप्त करनेके लिए कष्ट पा रही है, इन  सुविधाओंके अभावमें लोगोंकी मृत्युतक हो रही है, ऐसेमें यह विशिष्ट सुविधाएं कैसे सहन की जा सकती हैं ?
        उल्लेखनीय है कि कुछ ही दिनों पूर्व देहली शासनने वहांके भव्य ‘होटल अशोक’ विश्रामालयके कक्षोंको न्यायाधीशों तथा उनके परिवारके उपचार हेतु ‘कोरोना उपचार केन्द्रों’में परिवर्तित करनेका आदेश दिया था ।
       देहलीमें ‘कोरोना’से ग्रस्त जनतामें हाहाकार है, चिकित्सीय सुविधाओंमें उपलब्धतासे अधिक रुग्ण हो गए हैं, अनेक रुग्णोंकी चिकित्सा सुविधाओंके अभावमें मृत्यु हो रही है, ऐसी विकट परिस्थितिमें किसी भी प्रशासनिक अधिकारी अथवा उसके परिवारको विशिष्ट ‘५ सितारा’ सुविधाएं उपलब्ध करवानेका यह निर्णय स्वार्थपूर्ण तथा लज्जास्पद है । अरविन्द केजरीवालको नित्य दूरदर्शनपर लाखोंके विज्ञापन देकर स्वप्रचार करना बन्दकर उस धनसे चिकित्सा सामग्री क्रयकर देहलीके निर्धनसे निर्धन व्यक्तियोंकी सेवा हेतु अग्रसर होना चाहिए । अभी तो इनके कार्यकलाप इनके दलके नामके विरुद्ध, ‘आम आदमी’के विपरीत ‘विशेष आदमी पक्ष’ जैसे हो रहे हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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