‘आरबीआई’ समिति संचालकने केरलमें विनाशकारी वर्षाका सम्बन्ध सबरीमाला मन्दिरमें महिलाओंके प्रवेशसे जोडा !


अगस्त १८, २०१८

केरलमें १०० वर्षके पश्चात हुई विनाशकारी वर्षाके कारण बाढकी विकराल स्थिति पैदा हो गई है । ३०० से अधिक लोगोंकी मृत्यु हो गई है ! लाखों लोग बेघर हो गए हैं । सेना, नौसेना, वायु सेना और ‘एनडीआरएफ’के जवान राहत कार्योंमें जुटे हुए हैं । स्वयं प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी राज्यका भ्रमण कर प्रत्येक सम्भव सहायता उपलब्ध करवानेका आश्वासन दिए हैं । इस मध्य सामाजिक प्रसार माध्यमोंपर भारी बारिश और बाढको लेकर एक नूतन बहस आरम्भ हो गई है । भारतीय रिजर्व बैंकके समिति अधिकारी (बोर्ड डायरेक्टर) एस गुरुमूर्तिने प्रचण्ड वर्षा और बाढका सम्बन्ध सबरीमाला मन्दिरमें महिलाओंके प्रवेशसे जोडे हैं । गुरुमूर्तिने ‘ट्वीट’ कर कहा कि, “उच्चतम न्यायालयके न्यायाधीशको यह देखना चाहिए कि क्या केरलमें विनाशकारी वर्षा और सबरीमालामें जो हो रहा है, उसके मध्य कोई सम्बन्ध है ? यहां तक कि यदि लाखोंमें से किसी एकके साथ भी इसका सम्बन्ध होता है तो लोग अयप्पाके विरूद्ध अभियोगको पसन्द नहीं करेंगे ।” यह उन्होंने हरी प्रभाकरणद्वारा केरलमें बाढको लेकर किए गए एक ‘ट्वीट’पर ‘रिट्वीट’ करते हुए लिखा । प्रभाकरणने लिखा है, “भगवानसे ऊपर कोई नियम नहीं है । यदि आप भगवानके ऊपर कोई विधान (कानून) नहीं है, यदि आप सभीको मन्दिरमें प्रवेशकी अनुमति देते हैं, तो वह प्रत्येकको आने से मना करता है ।”

गुरुमूर्तिने एक और ‘ट्वीट’में लिखा, वे भारतीय बुद्धिजीवियोंके ढोंगपर अचम्भित हैं, जिन्होंने लोगोंकी आस्थाको मिटा दिया । ९९% भारतीय भगवानमें विश्वास करते हैं । उदारवादी, धर्मनिरपेक्ष, बुद्धिजीवियों सहित १००% लोग ज्योतिषमें विश्वास करते हैं । नास्तिक करुणानिधिके अनुयायियोंने उनके लिए प्रार्थना की ! मैं उन लोगोंमें से हूं, जो भगवानकी ओर देखते हैं; लेकिन ज्योतिष नहीं !

बता दें कि व्यवसायसे ‘चार्टेड अकाउण्टेड’, स्वदेशी जागरण मंचके सह-संयोजक और लम्बे समयतक संघसे जुडे रहने वाले स्वामीनाथन गुरुमूर्तिको कुछ समय पूर्व ही भारतीय रिजर्व बैंककी अध्यक्ष समितिमें (डॉयरेक्टर बोर्ड) सम्मिलित किया गया है । वहीं, दूसरी ओर सबरीमाला मन्दिरमें महिलाअोंके प्रवेशको लेकर उच्चतम न्यायालयमें सुनवाई चल रही है ।

स्रोत : जनसत्ता



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