जिहादियोंने हिन्दू महिलाको तीन बार बनाया ‘लव जिहाद’का शिकार
२२ दिसम्बर, २०२०
मध्य प्रदेशके उज्जैनसे वसीम अकरम नामक जिहादीद्वारा छद्म हिन्दू विकास नामके साथ ‘तलाकशुदा’ महिलाको ‘लव जिहाद’का शिकार बनाते हुए २ वर्षोंतक उसका यौन शोषण किया । उसके चालक अनुज्ञा पत्रसे (ड्राइविंग लाइसेंससे) पीडिताको उसकी वास्तविकता ज्ञात हुई, तो उसने पुलिसमें परिवाद (शिकायत) प्रविष्ट कराया । जिहादीने स्वयंको नागदा निवासी बताया था, वो पीडिताको मन्दिर भी ले जाता था; परन्तु स्वयं बाहरही खडा रहता था । पूछनेपर स्वयंको नास्तिक बताता था ।
दैनिक भास्कर नामक समाचार पत्रसे बात करते हुए पीडिताने कहा कि वह ‘लव जिहाद’के अन्तर्गत २ बार जिहादियों जुबेर निवासी कादरपुरा कमरी मार्ग व साजिद निवासी बिलोटीपुराका शिकार हुई है । इन दोनोंने पीडितासे लाखो रुपए व आभूषण भी हडप लिए । इन दोनोंके परिवादके (शिकायत) पश्चात जुबेरको पकड लिया गया; परन्तु अभी वो बाहर है और साजिद नामक जिहादी अभी उज्जैन पुलिसकी पकडसे बाहर है । पीडिताका विवाह २००४ में हुआ था, उसके २ बच्चे भी हैं । वो अपने पतिसे सम्बन्ध बिगडनेके पश्चात उज्जैनके मुनि नगरमें भाडेके घरमें रहती थी ।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेशके मुख्यमन्त्री शिवराज सिंह चौहान कडे शब्दोंमें कह चुके हैं, “मैं मध्य प्रदेशकी धरतीपर ‘लव जिहाद’ किसी भी मूल्यपर नहीं चलने दूंगा । उसके लिए हम विधान बना रहे हैं । यह देशको तोडनेका षड्यन्त्र है, इसे किसी भी मूल्यपर हम सफल नहीं होने देंगे ।”
इसलिए माता-पिताने अपने बच्चोंको धर्मके संस्कार देने आवश्यक है; अन्यथा पहले लव जिहादमें फंस चुकी महिला अब क्यों किसी परपुरुषकी ओर जाती और क्यों जिहादी इसका लाभ उठाता ? जिहादियोंको दण्ड देनेके साथ-साथ हिन्दुओंने अपने बालकोंको भी संस्कार देने चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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