‘मनुस्मृति’के अपमानपर लोगोंने किया कांग्रेसका ही अपमान
१७ अप्रैल, २०२१
वर्तमानमें कर्नाटक कांग्रेसके ‘ट्विटर हैंडल’से कुछ ‘ट्वीट’ किए गए । इसमें एक ओर ‘वायरस’ और दूसरी ओर ‘वैक्सीन’ दिखाकर ‘पार्टी’ने अपनी हिन्दू विरोधी, भाजपा विरोधी मानसिकताका अधिक प्रदर्शन किया; परन्तु ‘ट्रेंड फॉलो’ करनेके चक्करमें ‘पार्टी’ भूल गई कि जिन ‘मीम’को वो प्रसारित कर रहे हैं, उनका कोई अर्थ है भी या नहीं ।
उदाहरणके रूपमें सबसे पहले एक ‘ट्वीट’में कांग्रेसने बताना चाहा कि इस राष्ट्रके लिए सबसे बडा ‘वायरस’ भगवा रंग है और इसकी ‘वैक्सीन’ उनका दल अर्थात कांग्रेस है । अब तर्कोंपर वार्ता करें तो यह सब जानते हैं कि कोई भी ‘वैक्सीन’ किसी ‘वायरस’के उपरान्त आती है; परन्तु कांग्रेसका तर्कसे कुछ लेना-देना नहीं है ।
इसके पश्चात एक अन्य ‘ट्वीट’ हुआ इसमें प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी और पूर्व प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंहको दिखाया गया है । नरेन्द्र मोदीपर ‘वायरस’ लिखा है और मनमोहन सिंहपर ‘वैक्सीन’ । यहां ज्ञात हो कि मनमोहन शासनके १० वर्षके कार्यकालके पश्चात मोदी शासन सत्तामें आया । ऐसेमें कांग्रेसके ‘मीम’का क्या अर्थ है ?
अन्तमें एक ‘ट्वीट’में दलने ‘मनुस्मृति’को ‘वायरस’ कहा, जिसके उपरान्त भाजपा दल कर्नाटकने भी अपने ‘हैंडल’से साझा किया । इसमें पूछा गया है कि क्या कांग्रेसमें इतना सामर्थ्य है कि वह उस पुस्तकका नाम लेकर कह सके, जो सचमें ‘वायरस’ है । इसके पश्चात भयभीत कांग्रेसने यह ‘ट्वीट’ ‘डिलीट’ क्यों किया है ?
हिन्दूद्रोही व देशद्रोही दल कांग्रेसद्वारा अनेक बार हिन्दू धर्म ग्रन्थोंके ऊपर आपत्तिजनक टिप्पणी की जाती रही है; इससे इनकी हिन्दूद्रोही मानसिकताका बोध होता है । सभी देशवासी इन्हें इनका उचित स्थान दिखाएं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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