मदर टेरेसाके ‘एनजीओ’पर बच्‍चा चोरीके आक्षेपपर ‘आरएसएस’ नेताने कहा- दोषी हों तो छीन लिया जाए भारत रत्‍न !


जुलाई १२, २०१८

‘आरएसएस’के एक नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता सुब्रमण्यन स्वामीने ‘मिशनरीज ऑफ चैरेटी’पर लगे बच्चा चोरीके आक्षेपोंके पश्चात मदर टेरेसाको लक्ष्य बनाया है । बता दें कि ‘मिशन ऑफ चैरिटीज’का आरम्भ ‘भारत रत्न’ मदर टेरेसाद्वारा ही की गई थी । आरएसएस नेता राजीव तुलीने इण्डिया टुडेसे वार्ता करते हुए कहा कि यदि ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’के विरुद्ध लगाए गए आक्षेप सही पाए जाते हैं तो मदर टेरेसाको चैरिटीके कार्योंके लिए दिया गया ‘भारत रत्न’का पुरस्कार वापस ले लेना चाहिए । राजीव तुलीके अनुसार, “भारतीय नहीं चाहते कि भारत रत्नकी छवि धूमिल हो ।”

राजीव तुलीने अपने आक्षेपोंमें कहा कि “वर्ष १९८० में मदर टेरेसाको भारत रत्नका पुरस्कार दिया गया था; यद्यपि उस समय भी ऐसे आक्षेप लगे थे और अभी भी ऐसे आक्षेप लगाए गए हैं । यदि ये सही पाए जाते हैं तो हमें मदर टेरेसाके भारत रत्न पुरस्कारपर पुनः विचार करना चाहिए ।” तुलीके अनुसार, मदर टेरेसाने, जिन्हें गत वर्ष वेटिकन सिटीद्वारा सन्तकी उपाधि दी गई थी, जनकल्याणका कोई काम नहीं किया था और उनका प्रारूप धर्मान्तरण ही था । भाजपाके वरिष्ठ नेता सुब्रामण्यन स्वामी भी आरएसएस नेता राजीव तुलीकी बातसे पूर्ण रूपसे सहमत दिखाई दिए ।


स्वामीने कहा कि मैं उनकी (राजीव तुली) बातसे शत प्रतिशत सहमत हूं । स्वामीने ब्रिटिश लेखक क्रिस्टोफर हिचेन्सकी पुस्तकका (द मिशनरीज पोजिशनः मदर टेरेसा इन थ्योरी एण्ड प्रैक्टिकल) वर्णन करते हुए बताया कि लेखकने उनकद्वाराे (मदर टेरेसा) किए गए कार्यको लिखित रूपमें रखा हुआ है । भाजपा नेताके अनुसार, यदि आपके पास मदर टेरेसाके अपराधोंके कई उदाहरण हैं तो फिर वह सम्मानित व्यक्ति कैसे हो सकती हैं ?

झारखण्डकी राजधानी रांची स्थित ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’में एक बच्चेको १.२ लाखमें विक्रयका समाचार आया है, जिसपर विवाद हो गया है । एक दम्पत्तिने रांची स्थित ‘चाइल्ड वेलफेयर कमेटी’से परिवाद करते हुए बताया था कि चैरिटीके कर्मीने उनके बच्चेको उनसे लेकर किसी अन्य दम्पत्तिको १४ दिवसका बच्चा १.२ लाखमें विक्रय कर दिया । इस प्रकरणकी जांच आगे नहीं बढ सकी थी । ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’का नाम एक और विवादमें सामने आ रहा है। झारखण्डके डीजीपीने गृह मन्त्रालयको पत्र लिखकर ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’के बैंक खातोंको बन्द करनेकी मांगकी है । जांचमें पता चला है कि ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’के ५ संगठनोंके खातोंमें विदेशसे कोट्यावधिका दानके रूपमें निधि आई है । माना जा रहा है कि इस प्रकरणकी जांच सीबीआईको भी सौंपी जा सकती है ।

स्रोत : जनसत्ता



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