विदेशोंमें भारतकी प्रतिष्ठा धूमिल करनेके कारण ईसाई NGO ‘Persecution Relief’के विरुद्ध NCPCR करेगी कार्यवाही
०६ मार्च, २०२१
इस विषयमें प्रियंक लेखपालने ‘ट्वीट’ करते हुए कहा, “बाल संरक्षण विधानोंके दुरुपयोगकी झूठी सूचना प्रकाशित एवं १५० देशोंमें वितरितकर विश्वमें भारतदेशका अपमान करके इसकी छवि धूमिल करनेके कुत्सित प्रयासका उचित उत्तर दिया जाएगा । मध्य प्रदेशके मुख्यमन्त्री शिवराज सिंह इस प्रकारके विषयोंमें बहुत कठोर हैं ।”
उन्होंने आगे लिखा, “पर्सिक्युसन रिलीफ’ नामक संस्थाकी भोपालसे प्रकाशित उक्त सूचनाको ‘यूएस’-आधारित ‘फेडरेशन ऑफ इंडियन अमेरिकन क्रिश्चियन ऑर्गेनाइजेशन’के माध्यमसे अमेरिकन आयोगने संज्ञानमें लिया था, जिससे देशकी छवि धूमिल हुई थी। मुख्य सचिव मध्य प्रदेश शासनके निर्देशद्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदनमें उक्त संस्थाके सभी आरोप झूठे पाए गए हैं ।”
इससे पूर्व, विधान अधिकार संरक्षण मंचने केन्द्रीय गृहमन्त्री अमित शाहसे हत्या और आत्महत्याकी घटनाओंको साम्प्रदायिक रंग देनेके लिए ‘Persecution Relief’पर कार्यवाही करनेको कहा था । ‘Persecution Relief’ने ‘धार्मिक कट्टरपन्थियों’के रूपमें भारतीयोंको दिखानेका प्रयास करते हुए कहा, कि उनका उद्देश्य ईसाई समुदायके विरुद्ध ‘हेट क्राइमों’के लिए शासनका ध्यान आकर्षित करना था ।
केन्द्रीय शासनको ऐसी संस्थाओंपर त्वरित कार्यवाही करके कठोर दण्ड देना चाहिए; क्योंकि यही सब मिलकर धर्मान्तरण करवाते हैं और यही इनका मुख्य उद्देश्य है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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