जुलाई १६, २०१८
‘तीन तलाक’जैसे प्रकरणके विरुद्ध आवाज उठाने वाली बरेलीके आला हजरत खानदानकी पुत्रवधू निदा खानके विरुद्ध ‘फतवा’ दिया गया है । इसके अन्तर्गत निदा खानका राशन आदि बन्द कर दिया गया है । यह फतवा दरगाह आला हजरतके दारूल इफ्ताने दिया है । इसमें कहा गया है कि निदा अल्लाह या खुदाके बनाए विधानका विरोध कर रही हैं । इस कारण उनके विरुद्ध फतवा जारी किया जा रहा है । बरेलीके नगर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलमने दरगाह आला हजरतपर हुई समाचार संयुक्त वार्तामें बताया कि निदाका राशन आदि बन्द कर दिया गया है ।
इसमें कहा गया है कि निदाकी सहायता करने वाले, उनसे मिलने वाले मुसलमानोंको भी इस्लामसे निषेध किया जाएगा ! निदा यदि रूग्ण हो जाती हैं तो उनको औषधि भी नहीं दी जाएगी ! निदाकी मृत्युपर अर्थीकी नमाज पढनेपर भी रोक लगा दी गई है ! इतना ही नहीं निदाके मरनेपर उन्हें कब्रिस्तानमें दफनानेपर भी रोक लगा दी गई है !
वहीं इस प्रकरणमें निदा खानने संयुक्त वार्ता कर कहा कि फतवा देने वाले पाकिस्तान चले जाएं ! उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान एक लोकतान्त्रिक देश है । यहां दो विधान नहीं चलेंगे ! उन्होंने कहा कि ये लोग केवल राजनीति चमका रहे हैं । उन्होंने प्रश्न किया कि इस्लामसे निषेध करने वाले ये होते कौन हैं ? शरीयत पहले वो अपने घरपर जाकर लागू करें, फिर जनतापर लागू करें; क्योंकि उनको शरीयतके नामपर जनताको भडकाना आता है । उनके कुटुम्बमें पहलेसे निषिद्ध कार्य हो रहे है । दारुल इफ्तामें पुरुषोंसे पैसे लेकर उनके पक्षमें निर्णय दे दिया जाता है, महिलाओंको न्याय नहीं मिलता !
निदाने कहा कि उन लोगोंकी इस कृत्यसे उन्हें हानि हो रहा है; इसलिए उनपर अभियोग करूंगी ! तौकीर रज भी तो इस्लामसे निषेध हो चुके हैं । तौकीर रजा जब देवबन्द गए थे, तब उन्हें भी इस्लामसे निषेध कर दिया गया था; लेकिन उन्होंने तो दोबारा कलमा नहीं पढा, जबकि तौकीरके विरुद्ध मस्जिदोंसे घोषणा भी हो गई थी ।
निदा खानका विवाह १६ जुलाई २०१५ को आला हजरत कुटुम्बके उसमान रजा खांंके पुत्र शीरान रजा खांसे हुआ था । अंजुम मियां, ‘आल इण्डिया इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल’के मुखिया मौलाना, तौकीर रजा खांके सगे भाई हैं । निदाका कहना है कि विवाहके पश्चात उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसका गर्भपात हो गया । रजा खांने ५ फरवरी २०१६ को ‘तीन तलाक’ देकर घरसे निकाल दिया !
स्रोत : जी न्यूज
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