पुडुचेरीमें मछुआरनद्वारा राहुल गांधीको तमिलमें किए परिवादको मुख्यमन्त्री नारायणसामीने अनुवाद कर बताई अपनी प्रशंसा


१८ फरवरी, २०२१
      कांग्रेसके वरिष्ठ नेता राहुल गांधी बुधवार १७ फरवरीको पुडुचेरीकी यात्रापर थे । वहीं एक सभाके मध्य मुख्यमन्त्री वी नारायणस्वामीने असत्य बोल उन्हें मूर्ख बना दिया । समाचारके अनुसार मछुआरा समुदायके मध्य   सभामें एक महिलाद्वारा राहुल गांधीको तामिल भाषामें मुख्यमन्त्रीका परिवाद करते हुए आरोप लगाया गया कि जब पुडुचेरीमें चक्रवात आया था तब शासनकी ओरसे उन्हें किसी भी प्रकारकी कोई सहायता प्रदान नहीं की गई थी, न ही मुख्यमन्त्री उनसे मिलने आए थे; परन्तु मुख्यमन्त्रीने इस कथनका मन अनुसार अनुवादकर राहुल गांधीको समझाते हुए कहा कि महिला चक्रवातके समय उन्हें सहायता सामग्री प्रदान करने व उनके क्षेत्रमें भ्रमणपर आने हेतु उनकी प्रशंसा कर रही है । नारायणसामी राहुल गांधीकी आंखोंमें धूल झोंकनेमें तो सफल हुए; परन्तु सामाजिक जालस्थलपर लोगोंकी दृष्टिसे वे  बच नहीं सके । तमिल समझनेवाले लोगोंने उनके इस असत्यका भानकर इस प्रकरणको प्रसारित कर दिया । पुडुचेरीको चक्रवात निवारने गम्भीर रूपसे प्रभावित किया था जो नवंबर २०२० में आया था । इस चक्रवातसे लगभग ४०० करोड रुपयोंकी हानि हुई थी तथा अनेक स्थानोंपर जलभरावके कारण लोगोंको समस्याओंका सामना भी करना पडा था । उल्लेखनीय है कि पुडुचेरीमें राहुल गांधी वहां उत्पन्न  राजनीतिक संकटके मध्य चुनाव आनेसे पूर्व अपनी प्रचार यात्रापर गए हैं । पुडुचेरीमें कुछ ही दिवस पूर्व कुछ कांग्रेस विधायकोंके त्यागपत्रके पश्चात पुडुचेरी शासन अल्पमतमें आ गया है । इसीके कारण वहां राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई है । कांग्रेस यहां द्रविड मुनेत्र कषगमके (डीएमकेके) साथ गठबन्धन कर सत्तारूढ है ।
        जब मुख्यमन्त्री जैसे शीर्ष राजनेता अपने दलके वरिष्ठ नेताओंसे ही जनताके समक्ष असत्य कह सकते हैं तब क्षेत्रमें शासन व्यवस्था कैसी होगी, इसकी कल्पना हम सभी स्वयं ही कर सकते हैं । अब आनेवाले हिन्दूराष्ट्रमें ही एक आदर्श सुशासन स्थापित होगा और तब ऐसे राजनेता कठोर दण्डके सहभागी होंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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