राहुलने गोद लेकर अनाथ बना दिया अमेठीका गांंव, अधिकतर ग्रामीणोंने कहा अब नहीं देंगेंं वोट !!


मई २, २०१९

संसदीय क्षेत्र अमेठीमें पडनेवाले जगदीशपुर गांवके निवासियोंने राहुल गांधीके दावोंकी पोल खोल दी है । गांवके एक निवासीके अनुसार वर्ष २०१४ में ‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’के अन्तर्गत कांग्रेस अध्यक्षने उनके गांवको गोद लिया था; परन्तु गत ५ वर्षोंमें राहुल गांधीने उनके गांवमें कोई विकास नहीं किया है ।


‘स्वराज्य’ पत्रिकाके वरिष्ठ सम्पादकीय अरिहंत पवारियाद्वारा जारी किए गए वीडियोमें एक ग्रामीणको राहुलकी असफलताओंको गिनाते हुए सुना जा सकता है । इस वीडियोमें ग्रामीण बता रहे हैं कि वर्ष २०१४ के पश्चात राहुलने पुनः गांवकी ओर मुडकर नहीं देखा । ग्रामीणकी परिवाद है कि राहुल गांधीने उनके गांवमें कोई विकास कार्य नहीं किया है ।


यद्यपि इतनी निराशाके पश्चात भी ग्रामीणोंने ठान रखी है कि वो प्रत्येक बार कांग्रेसको वोट देते हैं; इसलिए इस बार भी कांग्रेसको ही वोट देंगें; परन्तु उस क्षेत्रके अन्य लोग जिन्होंने आजीवन कांग्रेसके पक्षमें मतदान दिया है, वो खुलकर कहते हैं कि इस बार वह नरेन्द्र मोदीको ही वोट देंगें । इस सूचीमें एक दलित शाक (सब्जी) विक्रेता भी सम्मिलित है ।

शाक विक्रय करनेवालेकी मानें तो उन्होंने भी कभी मोदीको वोट नहीं दिया था; परन्तु इस मतदानमें वो मोदीको ही वोट देंगें । कारण पूछनेपर इस शाकवालेने मोदी शासनके अनेकों कार्योंको गिना दिया, जिसमें घर बनवानेसे लेकर, गैस सिलिंडर देनेका वर्णन हुआ । इतनेपर जब वीडियो बनानेवालेने पूछा कि क्या उन्हें इतना सबके लिए किसीप्रकारकी घूस देनी पडी तो शाक विक्रेताने नकारते हुए कहा कि ये सारा काम बिना एक रुपया दिए हुआ है ।

 

“छद्म नाम रखनेके पश्चात राहुल भारतीय राजनीतिमें आए, ताकि परिवारका नाम राजनीतिमें चलता रहे, यह उनके वक्तव्यों व कृत्योंसे स्पष्ट होता ही है, तो ऐसेमें उनसे देशके लिए कार्य करनेकी आशा कैसे की जा सकती है ? जो गोद लिए गए केवल एक गांवके लिए कुछ न कर पाए, वह समूचेके लिए कुछ कर पाएगा क्या ? क्या उनसे आतंकके विरोध लडाई, रक्षा सन्धि, विदेश नीति आदिपर बाततक करनेकी आशा की जा सकती है ? कांग्रेसका गढ माने जाने वाले अमेठीकी स्थितिसे ही बोध होता है कि कांग्रेसने देशकी क्या स्थिति की है ? और जो लोग कह रहे हैं कि अब भी वे उन्हींको वोट देंगें चाहे कुछ कार्य न हुआ हो, इससे स्पष्ट है कि यह जनता प्रतिनिधि चुनने योग्य है ही नहीं !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ



स्रोत : ऑप इण्डिया

 



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