‘२६/११’को लुभावना दिन बतानेवाले क्रान्तिकारी पत्रकार सरदेसाईने की इमरान खानकी प्रशंसा, प्रधानमन्त्रीपर किया कटाक्ष !


मार्च १, २०१९


पुलवामा आक्रमणके पश्चात प्रधानमन्त्री मोदीने आर्थिक व राजनीतिक आक्रमणकर एक ओर पाकिस्तानका श्वास बंद कर दिया तो पाकिस्तान घुटनोंपर है और परमाणु बमसे अब शांतिपर आ गया है; परन्तु भारतमें बैठकर राजदीप सरदेसाई अपनी भार्या सागरिका घोसके साथ इमरान खानका गुण गानेमें व्यस्त है, और संकेतोंमें ही प्रधानमन्त्रीपर कटाक्ष कर रहे हैं !

सरदेसाईका कहना है कि आज तो इमरान खानने हृदय ही जीत लिया, उन्होंने एक महान और अच्छे नेता होनेका प्रमाण दिया है, उन्होंने विजय पाई है ! इसके साथ-साथ राजदीप सरदेसाई यह भी कह रहे हैं कि हमारे यहांका नेता (नरेंद्र मोदी) तो वोट देखनेमें लगा है ।

पत्रकार अनुरागने भी इनके पाकिस्तान प्रेमपर तीव्र कटाक्ष किया है, जब कांग्रेसका राज था तो इसी राजदीप और इसके जैसोंको बडे-बडे पुरस्कार दिए जाते थे !

“पत्रकार अर्थात देशकी समस्याओंको निष्पक्ष रूपसे प्रस्तुत करनेवाला; परन्तु आज भारतमें पत्रकारिताको जैसे कोढ ही लग चुका है । कुछ राष्ट्रनिष्ठ पत्रकारोंको छोडकर अन्य सभी किसी न किसी दलको सन्तुष्ट करनेमें लगे हैं । दलकी सन्तुष्टितक भी ठीक था; परन्तु अब वे सीधा ही राष्ट्रका व राष्ट्रके सबसे सम्मानित व उच्च पदपर बैठे राष्ट्रनिष्ठ व्यक्तिका अपमानकर  पाकिस्तान प्रेम उजागर कर रहे हैं ! स्मरण हो कि ये वही पत्रकार है, जो कुछ दिवस पूर्व ‘२६/११’के आक्रमणको सुहावना दिवस बता रहे थे ! उच्चतम न्यायालयने पत्रकारोंको स्वतन्त्रता दी है, इसका अर्थ यह तो नहीं कि वे स्वतन्त्रताके नामपर राष्ट्रद्रोह करने लगे ! अब न्यायालय व शासन इसपर संज्ञान लेकर कार्यवाही करें; क्योंकि दुर्भाग्यवश ये पत्रकार राष्ट्रीय समाचारपर आते हैं और लोगोंको असत्य बताते हैं तो अनेक लोगोंकी मानसिकता प्रभावित होती है । राष्ट्रहितमें इन्हें प्रतिबन्धित किया जाना चाहिए !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ 

 

स्रोत : दैनिक भारत



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