उत्तिष्ठ कौन्तेय


केरलके नि:धर्मी ईसाई मुख्यमन्त्रीके निर्देशनमें राज्यकर्ताओंके पोषित गुण्डोंने लगाई संघ कार्यालयको आग, १७०० हिन्दूवादी बन्दी बनाए गए !
सबरीमाला विवादमें कुछ अज्ञात लोगोंने भाजपा राज्यसभा सदस्य वी मुरलीधरणके पैतृक घरपर शनिवार, ५ जनवरीको एक देशी बम फेंका और यहां स्थित ‘आरएसएस’ कार्यालयको आग लगा दी ! मुरलीधरणने बताया कि तलासरीके पास वदियिल पीडिकिया स्थित उनके पैतृक घरपर आक्रमण हुआ, यद्यपि कोई चोटिल नहीं हुआ । आन्ध्रप्रदेशमें उपस्थित सांसदने ‘पीटीआई-भाषा’को बताया, “आक्रमणके समय मेरी बहन, जीजा और उनकी पुत्री घरमें थे ।”
पुलिस सूत्रोंने बताया कि एक अन्य घटनामें अज्ञात लोगोंने शनिवार प्रातः परियारम क्षेत्रमें स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघके कार्यालयको आग लगा दी । मुरलीधरणने माओवादियोंसे सम्पर्क रखनेवाली दो महिलाओंको पुलिस सुरक्षामें सबरीमाला मन्दिर पहुंचाए जानेके षड्यन्त्रकी एनआईएसे जांच करानेकी मांग की है । राज्यके विभिन्न भागोंमें हुई हिंसामें अब तक १७०० लोगोंको बन्दी बनाया जा चुका है !
*केरलके नि:धर्मी मुख्यमन्त्री, ईसाई मिशनरियोंके षड्यन्त्र और हमारी न्यायपालिकाके बिना सोचे समझे दिए गए निर्णय ही इसके पीछेके मुख्य कारण हैं, जिसमें केवल हिन्दुओंको व उनके आस्थास्थानोंको नष्ट करनेका षड्यन्त्र मात्र दिखता है ! नि:धर्मी, साम्यवादी और हिन्दू धर्मद्रोहियोंको सत्तासीन करनेका परिणाम आज केरलके हिन्दू भोग रहे हैं, ऐसेमें केन्द्र शासन त्वरित केरलके नि:धर्मी मुख्यमन्त्रीपर कार्यवाही करे व सभी हिन्दू भाई-बहनोंकी सुरक्षा सुनिश्चित करे, इसकी मांग सम्पूर्ण देशके हिन्दुत्ववादियोंने करनी चाहिए और इससे पहले कि केरलमें स्थिति और बिगड जाए, वहां त्वरित राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए !
 साथ ही, न्यायपालिकाके एक अनुचित निर्णयसे किस प्रकार समाजमें अराजकता निर्माण हो सकती है, यह ध्यानमें आता है; इसलिए महत्त्वपूर्ण पद किसे देना चाहिए एवं किसे नहीं, इसका निर्धारण मात्र धर्माधिकारी ही लेनेके अधिकारी होते हैं, यह सम्भव हो, इस हेतु हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना करना अति आवश्यक हो गया है !* – तनुजा ठाकुर



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