पैनकार्ड’ बनवाने गई युवतीसे दस मुसलमानोंने किया दुष्कर्म, बलपूर्वक किया धर्मान्तरण
२४ मार्च, २०२१
उत्तर प्रदेशके सहारनपुरमें गांवकी एक युवतीसे मुसलमानोंने दुष्कर्मकर उसका धर्मान्तरण किया । उसका ‘वीडियो’ बनाकर अन्तर्जालपर प्रसारित किया । युवती गांवके सेवाकेन्द्रमें ‘पैनकार्ड’ बनवाने गई थी, जहां अहमदने यह बनवानेके लिए सहमति दी; किन्तु कई दिनोंतक टालता रहा और युवतीको सहारनपुरमें बनवाकर देनेके लिए साथ ले गया । वहांपर एक ‘होटल’में ले जाकर मादक द्रव्योंसे मूर्छितकर, उससे दुष्कर्म किया और ‘वीडियो’ बनाकर उसका भयादोहन (ब्लैकमेल) करते रहे । उससे धर्मान्तरणके पत्रकोंपर भी हस्ताक्षर करा लिए । युवतीका विवाह हो जानेपर भी उन्होंने ५० सहस्र रुपए लिए; जो युवतीने अपनी ससुरालसे चोरी करके दे दिए । पुनः बन्धक बनाकर उससे दस मुसलमानोंने दुष्कर्म किया, ससुरालवाले उसे ढूंढते रहे । युवतीने किसी प्रकार पुलिसमें पहुंचकर परिवाद प्रविष्ट करवाकर प्राथमिकी प्रविष्ट कराई । वहीं एक अन्य समाचारके अनुसार :-
कांग्रेसके मुसलमान नेताने महिलासे ‘व्हाट्सऐप्प’पर की अभद्र वार्ता, बनाया गया बन्दी
उत्तराखंडकी राजधानी देहरादूनमें पुलिसने एक कांग्रेसी नेता आजाद अलीको बन्दी बना लिया है । इस मुसलमान नेताने ‘व्हाट्सऐप्प”के माध्यमसे एक महिलासे अभद्र शब्दोंमें वार्तालाप किया । महिला एक बैंकमें प्रबन्धक है जो अपने बैंकके ग्राहकोंको बीमा सम्बन्धी समाचार ‘व्हाट्सऐप्प’के माध्यमसे पहुंचाया करती थी । आजाद अलीको भी उसने एक ऐसा ही सन्देश भेज दिया और आजाद अलीने उक्त महिलासे अश्लील बात की । जानकारी प्राप्त होनेपर महिलाके पतिने आजाद अलीसे वार्तालापकर, उसके अभद्र वार्तालापको ‘रिकॉर्ड’ कर लिया । महिला व उसके पतिने इसका परिवाद कर पुलिसमें प्राथमिकी प्रविष्ट करा दी, जिससे पुलिसने उसको अपनी अभिरक्षामें ले लिया ।
उल्लेखनीय है कि उक्त कांग्रेस नेता, महिलाओंके विरुद्ध अपराधोंपर बडे-बडे स्वयं निर्मित वक्तव्य दिया करता था, जिन्हें वह अन्तर्जालपर बनाए हुए अपनी ‘वेबसाइट’पर डालकर स्वयंको महिला हितैषी दिखानेका प्रयास करता था ।
हिन्दुओंको यह स्मरण रखना चाहिए कि मुसलमानोंके लिए महिलाएं मात्र ‘खेती’ हैं, यह तथ्य इन्हें बाल्यकालसे सिखाया जाता है और इसका उल्लेख इनके कुरानमें भी है । कुरानमें यह उल्लेख भी है कि अमुसलमान महिलाका यौन शोषण करनेसे ‘सवाब’ (पुण्य) मिलता है और इसीका पालन करते हुए वे उन महिलाओंपर कुदृष्टि रखते हैं, जो मुसलमान नहीं है । यद्यपि मुसलमान महिलाओंको भी ये केवल भोग की वस्तु ही समझते हैं । यह तथ्य सर्वविदित है; तथापि हिन्दू महिलाएं इनपर विश्वास कर लेती हैं और परिणाम होता है, उनके जीवनका नाश ! अतः सभी हिन्दू महिलाएं इनसे सतर्क रहें और अपराध करनेवाले म्लेच्छोंको दण्ड दिलानेमें हिन्दू भी सामूहिक रूपसे आगे आएं ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply