सबरीमाला देवालयमें महिलाओंके प्रवेशके विरोधके समर्थनमें उतरा स्वयं सेवक संघ !


अक्तूबर १९, २०१८

संघ परिवार सबरीमाला देवालयमें सभी आयुकी महिलाओंके प्रवेशपर उच्चतम न्यायालयके निर्णयके विरुद्घ प्रदर्शनोंके पक्षमें उतर आया है । संघ प्रमुख मोहन भागवतके अनुसार उच्चतम न्यायालयने अपने निर्णयमें पुरातन परम्पराको ध्यान में नहीं रखा, जो समाजका अंग बन चुकी है । वहीं विश्व हिन्दू परिषद महासचिव सुरेन्द्र जैनने सबरीमालामें महिलाओंके प्रवेशके विरुद्घ चल रहे विरोध प्रदर्शनोंपर पुलिसकी कार्यवाहीको लेकर केरलके सीपीएम शासनको आडे हाथों लिया है ।

संघ मुख्यालायमें आयोजित विजयादशमी समारोहको सम्बोधित हुए मोहन भागवतने कहा कि निर्णय सुनाते समय उच्चतम न्यायालयने उन लाखों महिलाओंकी आस्थाको ध्यानमें नहीं रखा, जो सबरीमालामें सदियोंसे स्थापित परम्पराका सम्मान करती है । उनके अनुसार निर्णयसे समाजमें शांति, स्थायित्व और समानताके स्थानपर विखराव और अराजकताको बल मिला है ।

वहीं ‘विश्व हिन्दू परिषद’ने उच्चतम न्यायालयके आदेशके पश्चात विरोधके कारण महिलाओंके देवालयमें प्रवेश नहीं होनेको स्थानीय आम जनताकी विजय बताया और शान्ति पूर्ण प्रदर्शनोंपर पुलिसके लाठीचार्जकी कडी आलोचना की । जैनने कहा कि जिसप्रकार अय्यप्पा भगवानके भक्तोंपर बर्बरता केरल पुलिसने की है, उससे ऐसा लग रहा था मानो ‘मा‌र्क्सवादी गुण्डे’ खाकी वेशभूषा पहनकर हिन्दुओंकी आस्थापर प्रहार करने आ गए हो ! उन्होंने कहा कि प्रशासनकी सब प्रकारकी बर्बरताके पश्चात भी वह भक्तोंकी आस्था नहीं कुचल सकी ! उन्होंने इसे वामपन्थी तानाशाहीपर जनताकी आस्थाकी विजय बताया ।

‘विहिप’के अनुसार हिन्दू समाज सदैव महिलाओंका सम्मान करता रहा है और कभी महिला विरोधी नहीं रहा, परन्तु प्रत्येक देवालयकी कुछ परम्पराएं रहती है, जिनका सम्मान प्रत्येकको करना चाहिए । इन्हीं विविध परम्पराओंके कारण अनेकतामें एकता भारतकी विशेषता बन गई । ऐसा लगता है ये सब लोग मिलकर भारतकी आत्मापर ही प्रहार करना चाहते हैं । भारतमें ऐसे कई देवालय है, जहां पुरुषोंका प्रवेश वर्जित है, लेकिन महिलाओंको अधिकार दिलानेकी आडमें कुछ लोग हिन्दू आस्थाको ही कुचलनेका प्रयास करते रहे हैं ।

 

“देरीसे ही सही, संघ प्रमुखके वक्तव्यके लिए हम उनका अभिनन्दन करते हैं और यही आशा करते हैं कि जिन हिन्दू सापेक्ष विचारोंके लिए उनसे आशाएं हैं, तदानुसार वे हिन्दू विरोधी होने वाले आघातोंका विरोध मुखर होकर करेंगें” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : दैनिक जागरण



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution