नवम्बर १, २०१८
कश्मीरमें इन दिनों एक नया संकट आया हुआ है । आतंकियोंका यह रूप ‘स्नाइपर’के रूपमें है जो सीमा पारसे भेजे गए हैं और महत्वपूर्ण बात यह है कि संकट देखनेमें किसी सुन्दर नवयुवती से कम नहीं है ! स्नाइपर लम्बे बालों और सुन्दर आंखों वाले हैं ! मुखपर बुर्का ओढ लें तो इनका संज्ञान करना कठिन हैं कि यह लडका हैं या लडकी ! भारतीय सेनाके २ सैनिकों और पांच सुरक्षाकर्मियोंके इन हत्यारोंको सेना खोज रही है । इन नवयुवतीकी भांति सुन्दर दिखने वाले हत्यारोंपर कश्मीरमें भय फैलानेका उत्तरदायित्व है । सुरक्षा विभागको स्नाइपर शूटरोंके जब चित्र मिले तो उन्हें लगा कि सम्भवतः यह कोई नवयुवती है । यह चार स्नाइपर मुखपर बुर्का आदि डाले हैं ताकि कोई संज्ञान न कर सके । सीमा पारसे आया यह संकट घाटीमें सक्रिय है, जो छिपकर लक्ष्यको साधनेमें निपुण है । कश्मीरमें अब तक पांच सुरक्षाकर्मियोंको इन्होंने अपना लक्ष्य बना लिया है !
सीमा पारसे दो-दो गुटोंमें चार स्नाइपर आए हैं । मुखपर नकाब डाले, युवतियोंकी भांति दिखने वाले इनका संज्ञान करना इसलिए भी कठिन है कि ज्ञात नहीं होता कि बुर्केके पीछे पुरूष है या स्त्री है ! बताया जा रहा है कि इनको स्वयं ‘आईएसआई’ने प्रशिक्षण दिया है । यह जैशके शूटर हैं और गृह मन्त्रालयको इनका ब्यौरा भेज दिया गया है ।
स्नाइपरोंका प्रथम आक्रमण पुलवामामें १८ सितम्बर २०१८ को हुआ था, इसमें सीआरपीएफका एक सैनिक चोटिल हो गया था । दूसरा २१ अक्तूबर २०१८को पुलवामामें सीआरपीएफ शिविरपर किया गया था, जिसमें एसएसबी सैनिक हुतात्मा हो गया था । तीसरा त्रालमें २५ अक्तूबर २०१८ को किया गया था । यह आक्रमण ‘४२ आरआर’पर किया गया था । इसमें सैनिक हुतात्मा हो गया था ! चौथा २७ अक्तूबर २०१८ को नौगाममें किया गया, इसमें सीआईएसएफके अधिकारी हुतात्मा हो गए !
“चीन सहित अन्य राष्ट्र राष्ट्रीय सुरक्षा हेतु जब बुर्का आदि प्रतिबन्धित कर चूके हैं तो क्या अब इस संकटके समयमें भारतको इसपर प्रतिबन्ध नहीं करना चाहिए ? क्या राष्ट्रसे ऊपर किसी समुदायका पहनावा हो सकता है ? स्वयं विचार करें”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : पंजाब केसरी
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