श्रीगुरु उवाच


शासन एक भी मस्जिद अथवा गिरिजाघर अपने अधिकारमें नहीं लेता, यह ध्यान रखें !
शासनने (सरकारने) महाराष्ट्र स्थित श्रीतुळजाभवानी मन्दिर (तुळजापुर), श्रीविठ्ठल-रुक्मिणी मन्दिर (पंढरपुर), श्रीसिद्धिविनायक मन्दिर (मुम्बई) तथा श्रीसाईबाबा मन्दिर (शिर्डी), आन्ध्र प्रदेश स्थित श्रीतिरुमला तिरुपति मन्दिर (तिरुपति), उसी प्रकार केरलका श्रीगुरुवायूर मन्दिर (त्रिचूर) तथा श्रीअय्यप्पा मन्दिर (शबरीमला) ऐसे हिन्दुओंके प्रसिद्ध तथा सहस्रों अन्य मन्दिर अपने अधिकारमें लिए हैं । वहांके सहस्रों पुजारी परिवर्तित या स्थानान्तरित किए जाते हैं; परन्तु किसी भी छोटेसे गांवकी एक भी मस्जिदके मौलवीको अथवा गिरिजाघरके पादरीको स्थानान्तरित नहीं किया जाता । उसी प्रकार शासक, मस्जिद अथवा गिरिजाघर (चर्च) अपने अधिकार क्षेत्रमें लेनेका साहस भी नहीं दिखाते । इससे ज्ञात होता है कि सर्वपक्षीय ‘सरकारें’ कैसे हिन्दूद्वेष्टा तथा अन्य धर्मोका तुष्टीकरण करती हैं ?, यह परिवर्तित करनेके लिए हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना अपरिहार्य है । – परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक, सनातन संस्था 
साभार : मराठी दैनिक सनातन प्रभात (https://sanatanprabhat.org)


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