चुनाव आयोगके अधिकारीका वक्तव्य, बंगालमें पुराने बिहार जैसी स्थिति, ९२% बूथपर होंगे केंद्रीय बल !!


अप्रैल २१, २०१९

चुनाव आयोगके विशेष पर्यवेक्षक अजय वी. नायकने शनिवार, २० अप्रैलको कहा कि पश्चिम बंगालके वर्तमान स्थिति १५ वर्ष पूर्वके बिहार जैसे हैं । बिहारके मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) रह चुके नायकने कहा कि पश्चिम बंगालके लोगोंका राज्य पुलिसपर विश्वास नहीं रह गया है और इसलिए सभी मतदान केन्द्रोंपर केंद्रीय बलोंकी तैनातीकी उनकी मांग बढ गई है ।

पश्चिम बंगालके मुख्य चुनाव अधिकारीके कार्यालयमें पत्रकारोंसे वार्तामें नायकने कहा कि बिहारमें अब स्थिति सुधर चुकी हैं और वहां कम संख्यामें केन्द्रीय बलोंकी आवश्यकता पडती है । वर्ष १९८४ बैचके आईएएस अधिकारी नायकको स्थितिमें पश्चिम बंगालमें होनेवाले अंतिम पांच चरणोंके चुनावकी देखरेखका उत्तरदायित्व सौंपा गया है ।

उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगालकी वर्तमान स्थिति बिहारके १५ वर्ष पुराने जैसी स्थितिकी भांति हैं । बिहारमें उस समय सभी मतदान केन्द्रोंपर केन्द्रीय बलोंकी तैनातीकी आवयकता पडती थी । अब ऐसी आवश्यकता पश्चिम बंगालमें पडती है; क्योंकि राज्यके लोगोंको पश्चिम बंगाल पुलिसपर विश्वास नहीं रहा और वे सभी मतदान केन्द्रोंपर केन्द्रीय बलोंकी तैनातीकी मांग कर रहे हैं ।” नायकने पश्चिम बंगालके सीईओ आरिज आफताबकी उपस्थितिमें कहा, “मैं यह नहीं समझ पा रहा कि जब बिहारके लोग स्थितिमें परिवर्तन लानेमें सफल हो गए तो पश्चिम बंगालमें ऐसा क्यों नहीं हो पा रहा ?”

उन्होंने कहा कि २३ अप्रैलको तीसरे चरणके मतदानके समय केन्द्रीय बलोंकी ३२४ कंपनियोंको पांच लोकसभा क्षेत्रोंके ९२ प्रतिशतसे अधिक मतदान केन्द्रोंपर तैनात किया जाएगा । २३ अप्रैलको राज्यकी बलूरघाट, मालदा उत्तरी, मालदा दक्षिणी, जांगीपुर और मुर्शिदाबाद लोकसभा सीटोंपर मतदान होगा । इस मध्य, चुनाव आयोगने मालदाके पुलिस अधीक्षक अर्णब घोषका स्थानान्तरण कर दिया है । उनका स्थान अजय प्रसादको मालदाका पुलिस अधीक्षक बनाया गया है ।

सूत्रोंने बताया कि कथित रूपसे तृणमूल कांग्रेस प्रशासनके निकटवर्ती घोष चुनाव आयोगकी दृष्टिमें थे । कुछ दिवस पूर्व प्रदेश भाजपाने चुनाव आयोगसे घोषको पदसे हटानेकी मांग की थी ।

“तृणमूल शासनने राज्यमें जो अराजकता निर्माण की है, यह उसीका परिणाम है कि वहां स्थिति इतनी विकट है । अभी तो कुछ हिन्दू शेष है तो यह स्थिति है; परन्तु यदि शीघ्र ही बंगालकी स्थितिको नियन्त्रित नहीं किया गया तो बंगालको कश्मीर बननेमें देरी नहीं लगेगी !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : जी न्यूज



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution