सोलनके ‘लव-जिहाद’ प्रकरणमें ३ दिवस पश्चात भी नहीं लगा हिन्दू युवतीका कोई साक्ष्य !!


मार्च ३०, २०१९

 

हिमाचल प्रदेशके सोलनके औद्योगिक क्षेत्र नालागढके तहत उपरली ढांगमें दो समुदायोंके मध्य विवाद थमनेका नाम नहीं ले रहा है । गांवमें स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है । गांवमें सुरक्षा व्यवस्थाको देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर रखा है ।

लडकीके परिजन और गांव वासी युवकपर युवतीके अपहरणके गंभीर आरोप लगा रहे हैं । युवतीके परिजनोंका आरोप है कि आरोपीने युवतीको प्रेम जालमें फंसाया और भगा कर ले गया है । ग्रामीणोंका कहना है कि जबसे युवकने युवतीका अपहरण किया है, तबसे वह पुलिस प्रशासनके चक्कर काट रहे हैं; परन्तु पुलिसने कोई कार्यवाही नहीं की है ।

उन्होंने कहा है कि गत रात्रि भी वह पुलिसको बार-बार यही कह रहे थे कि आरोपी युवकके परिजनोंको अपनी सुरक्षामें रखकर गांवसे ले जाएं; परन्तु पुलिसकी ओरसे उन्हें नहीं ले जाया गया । इसके चलते ४ गांवोंकी एकत्रित हुई भीडमेंसे कुछ शरारती तत्वोंने आरोपीके घरमें आग लगा दी !

उन्होंने कहा है कि आरोपी युवकके परिवारका भी आपराधिक ब्यौरा है । उनपर पहले भी दुष्कर्म व हत्याके अभियोग चल रहे हैं । उन्होंने पुलिस प्रशासनसे कहा है कि शीघ्र ही युवतीको ढूंढा जाए । आरोपियोंके विरुद्घ कडी कार्यवाही की जाए ।

उन्होंने कहा है कि इस समुदायके परिवारके कारण पूरे गांवका वातावरण खराब हो रहा है और उनकी बहू-बेटी और महिलाएं अपने ही गांवमें अपने आपको असुरक्षित अनुभव कर रही हैं । उन्होंने कहा है कि इस पूरे परिवारसे उनके गांवको संकट है, यदि उनके गांवके ऊपर किसी भी प्रकारकी कोई घटना घटित होती है तो उसका उत्तरदायी आरोपी युवकका पूरा परिवार होगा ।


“यदि गांववालोंको चिन्ता है तो जिहादियोंको गांवमें स्थान ही क्यों दिया गया ? यह ज्ञात होते हुए भी क्या यह पहले नहीं दिखाई दिया कि धर्मान्धके रहते हिन्दू स्त्रियां सुरक्षित नहीं है ? समूचा गांव एकत्र होकर अन्तिम निर्णय करें, तभी आगे अपने घरकी स्त्रियोंको सुरक्षित रखा जा सकता है; अन्यथा धर्मान्ध तो केवल जिहादके लिए शरीर ढूंढते हैं और धर्महीन युवतियां उनका प्रथम व सरल लक्ष्य रहती है ! ”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : न्यूज १८



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