केरलमें जीतके उत्सवमें मन्दिरमें तोडफोड, देवी-देवताओंका अपमान
१९ दिसम्बर, २०२०
केरलके पलक्कडमें मन्दिरमें आक्लमण व तोडफोड किए जानेके प्रकरणमें राज्यके सत्ताधारी वामपन्थी दल ‘सीपीएम’के कार्यकर्ताओंको बन्दी बनाया गया है । ये दलकी क्षेत्रीय समितिके सदस्य हैं । सभी आरोपियोंपर धार्मिक भावनाओंको चोटिल करने और विभिन्न समुदायोंके मध्य वैमनस्य उत्पन्न करनेका आरोप लगाया गया है और पुलिस आगेकी कार्यवाही कर रही है । विगत दिनों केरलमें हुए स्थानीय निकाय चुनावोंमें ‘सीपीएम’के नेतृत्ववाले ‘एलडीएफ’को बडी विजय मिली है ।
इसके पश्चात ही भाजपा और संघके कार्यालयोंमें तोडफोड आरम्भ कर दी गई । गुरुवार, १७ दिसम्बरको वामपन्थी ‘गुण्डों’ने कुरीपूजामें भाजपा नेता रतीशके घरपर आक्रमण कर दिया था । पलक्कड स्थित भगवान सुब्रह्मण्यमके मन्दिरपर भी आक्रमणकर तोडफोड की गई ।
केरल राज्यकी स्थिति इतनी भयावह हो गई । इसका मुख्य कारण वहांका राजनीतिक परिवेश है । स्वतन्त्रताके पश्चात वहां निधर्मी हिन्दू विरोधी दलोंद्वारा शासन किया जाना; मार्गमें गोवंशकी हत्या; देवालयोंके नियमोंको अनदेखाकर उनकी पवित्रताको नष्ट करनेका प्रयास तथा देव विग्रहको (प्रतिमा) नष्ट करना आदि; अतः हिन्दुओ, जागो और सुनिश्चित करो कि केरलसे अब अधर्मी दलोंका निष्कासन हो, यह केवल तभी सम्भव है, जब हम हिन्दू राष्ट्रके निर्माणका प्रयास करेंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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