अमेजाॅन प्राइम’की वेब सीरिज ‘ताण्डव’के बहिष्कारकी लोगोंने की मांग  


१६ जनवरी, २०२१
     ‘अमेजॉन प्राइम’ने कालान्तरमें सैफ अली खानकी राजनीतिक नाटक शृंखला ‘ताण्डव’को अपने मंचपर प्रदर्शित किया, जिसे निर्देशित किया है अली अब्बास जफरने । अली अब्बास जफरकी इस शृंखलामें हिन्दू देवी-देवताओंका अपमान किया गया है ।
        ‘वेब सीरीज’को कई समीक्षाओंके साथ ‘एंटी-हिंदू सीरीज’के रूपमें दिखानेके साथ, कठोर समीक्षाओंका भी सामना करना पडा है । ‘नेटिजन्स’ने कई उदाहरणोंसे यह सिद्ध किया है, जहां वेब शृंखलाने हिन्दू देवी-देवताओंका उपहास करते हुए या हिन्दू समाजके विभिन्न सम्प्रदायोंके मध्य जानबूझकर विभाजनके बीज बोनेका प्रयास करके हिन्दुओंकी भावनाओंको आहत किया है ।
     ‘पॉलिटिकल ड्रामा’के प्रथम कार्यक्रममें जीशान अयूब भगवान शिव बन कुछ नाटक कर रहे हैं । उस दृश्यपटमें जीशान परिसरके छात्रोंकी ‘आजादी’की वार्ता कर रहे हैं । वे कह रहे हैं कि इन छात्रोंको देशमें रहकर स्वतन्त्रता चाहिए, देशसे स्वतन्त्रता नहीं चाहिए ।
     भारतीय हिन्दू पुलिसकी ‘सबटल ब्रांडिंग’, मुसलमान विरोधीके रूपमें सामने आना और नीची जातियोंके विरुद्ध प्रयोग किए जानेवालीं नस्लभेदी टिप्पणियां ‘सोशल मीडिया यूजर्स’को रास नहीं आया और उन्होंने ‘सोशल मीडिया’पर इसका विरोध किया और वेब शृंखलाको प्रतिबन्धित करनेकी मांग की । उनमेंसे कईने केन्द्रीय मन्त्री प्रकाश जावडेकरको भी ‘टैग’ किया और उनसे अनुरोध किया कि वे ‘अमेजॉन प्राइम प्लेटफॉर्म’से इसे प्रतिबन्धित करें ।
    कुछ ‘ट्विटर यूजर्स’ने हिन्दुओंकी धार्मिक भावनाओंको आहत करनेके लिए वैधानिक कार्यवाही करनेका भी आह्वान किया । भाजपा प्रवक्ता गौरव गोयलने चेतावनी दी कि यदि लोगोंकी भावनाओंको ठेस पहुंचती है, तो इसके अभिनेताओं और निर्माताओंके विरुद्ध परिवाद प्रविष्ट की जाएगी ।
    ऐसा प्रतीत होता है कि हिन्दू देवी-देवताओंके बारेमें घृणित सामग्री प्रसारित करनेके लिए भारतमें ‘ओवर-द-टॉप’ मीडिया सेवा प्रदाताओंके मध्य एक प्रकारका प्रतिस्पर्धा है कि कौन कितना अधिक ‘एंटी हिंदू कन्टेंट’ निर्माण कर सकता है ? गत वर्ष, ‘नेटफ्लिक्स’के तेलुगु चलचित्र ‘कृष्णा और उसकी लीला’के पश्चात एक विवाद खडा हो गया था, जिसमें कृष्ण नामका एक पुरुष चरित्र दिखाया गया था, जिसमें कई महिलाओंके साथ यौन सम्बन्ध थे, जिनमेंसे एक राधा नामकी लडकी भी थी ।
           हिन्दुओंने ‘ऑनलाइन’ विरोध किया, प्रकाश जावडेकरजीसे कार्यवाहीकी मांग की और भाजपा प्रवक्ता परीक्षण करेंगे कि भावनाएं आहत हुई हैं तो वे परिवाद करेंगे और इससे उन्हें लगता है कि सैफ अली खान जैसे हिन्दूद्रोही जिहादी नट घुटनोंपर आकर क्षमा मागेंगे, और आगेसे ऐसा नहीं करेंगे ? यह किस प्रकारका उपहास चल रहा है ? हिन्दुओ, विरोध कर रहे हैं, यह अच्छी बात है; परन्तु दाऊदके इन पिट्ठुओंको केवल ‘ऑनलाइन’ विरोध करके नहीं रोका जा सकता है । अब सडकोंपर उतरकर शासनसे मांग करके उन्हें कार्यवाही करनेपर विवश करनेका समय है; अन्यथा यह ऐसे ही चलता रहेगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ 

स्रोत : ऑप इंडिया



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