फरवरी १३, २०१९
अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटीमें उपद्रव बढता जा रहा है । भारतके विरुद्घ नारेबाजी करनेवाले १४ छात्रोंपर राजद्रोहका अभियोग प्रविष्ट किया गया है । प्रकरण बढते देख जालस्थल सेवाएं बंद कर दी गई हैं । समूचे परिसरको छावनीमें परिवर्तित कर दिया गया है । साथ ही अगले २४ घंटेमें होनेवाले सभी कार्यक्रमोंको निरस्त कर दिया गया है । ५६ छात्रोंको बन्दी बनानेके लिए तैयारी चल रही है ।
बता दें कि एएमयू छात्रसंघने मंगलवार, १२ फरवरीको सामाजिक विज्ञान अध्यापकोंके ‘कॉन्फ्रेंस हॉल’में कई राजनीतिक दलोंके नेताओंकी बैठक बुलाई थी । इस कार्यक्रममें ‘ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन’के नेता असदुद्दीन ओवैसीको भी आमन्त्रित किया गया था । ओवैसीके कार्यक्रमका कुछ लोगोंने विरोध किया था । छात्रके एक दूसरे गुटने पीटा, जिसके बाद बवाल बढने लगा ।
इस मध्य एएमयू परिसरमें छात्रके गुटोंने घूम-घूमकर कथित रूपसे राष्ट्र विरोधी उद्घोष लगाए । इतना ही नहीं, कहा जा रहा है कि छात्रोंने पाकिस्तानके समर्थनमें भी नारेबाजी की । पुलिसको छात्रोंकी इस नारेबाजीका एक विडियो मिला है, जिसके आधारपर इन छात्रोंको चिह्नित किया गया है।
एसपी अलीगढने बताया कि एएमयूमें वातावरण बिगाडनेवाले कई छात्रोंको चिह्नित किया गया है । ५६ ऐसे छात्र हैं, जिनपर पहलेसे आपराधिक प्रकरण प्रविष्ट हैं, इन छात्रोंको बन्दी बनानेके लिए न्यायालयसे गैर जमानती आदेश निकलवाया जा रहा है । एसपी ने बताया कि जिन ५६ छात्रोंको चिह्नित किया गया है, उन्हें एएमयूसे निष्कासित करनेके लिए प्रशासनको पत्र लिखा जा रहा है ।
“आतंकी छात्र भविष्यनिर्माता नहीं भविष्यको नष्ट करनेवले हैं; अतः शासन इन्हें शिक्षासे निष्कासितकर सभी शैक्षणिक उपाधियां वापस लेकर घर वापस भेजें, यही राष्ट्रहितमें है !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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