‘टूलकिट’ प्रकरणमें शिवसेनाकी सहभागिता, दोषी शान्तनुके अनेक निकटवर्ती सम्बन्धी हैं शिवसैनिक


१७ फरवरी, २०२१
       किसान आन्दोलनके नामपर देशमें अराजकता फैलानेके लिए जो ‘टूलकिट’ चर्चाका विषय है, उसमें शिवसेनाकी सहभागितापर प्रश्नचिह्न लग रहा है । जिस शान्तनुके विरुद्ध ‘वारंट’ है, उसके विषयमें पुलिसको ज्ञात हुआ है कि वह २० से २७ जनवरीतक टिकरी सीमापर उपस्थित था ।
      महाराष्ट्रके भाजपा नेता राम कदमने बताया कि शान्तनु मुलुकके शिवसेनासे सम्बन्ध हैं । उन्होंने ‘ट्वीट’ करते लिखा कि शान्तनु मुलुकके चचेरे भाई बीडसे शिवसेना प्रमुख हैं, शान्तनुके चाचा सचिन मुलुक शिवसेना जनपद अध्यक्ष हैं, उसके पिता शिवसेनासे नगर पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं । शान्तनु मुलुक २६ जनवरीको टिकरी सीमापर उपस्थित था; परन्तु कालान्तरमें वह वहांसे चला गया था । उसपर दिशा रवि तथा निकिता जैकबके संग किसान प्रदर्शन सम्बन्धित ‘टूलकिट’ निर्माणका आरोप है ।
       उल्लेखनीय है कि देहली ‘साइबर सेल’के अधिकारी सी पी प्रेमनाथके अनुसार ११ जनवरी २०२१ को ‘पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन’ने एक सांगणिक बैठकका आयोजन किया था, जिसमें शान्तनु, निकिता जैकब तथा एम ओ धारीवाल सम्मिलित हुए थे । धारीवालका उद्देश्य था कि यह आन्दोलन विश्वव्यापी हो तथा किसानोंको असत्य बताकर उनमें असन्तोष फैलाया जाए । इसीके अन्तर्गत एक किसानकी ‘ट्रैक्टर’ पलटनेसे हुई मृत्युको भी पुलिसकी गोलीसे हुई मृत्यु बताया गया । इसीके अन्तर्गत गठित एक ‘व्हाट्सएप्प’ समूहका गठन ६ दिसम्बरको किया गया था । शान्तनुके ‘ईमेल’ खातेसे ‘टूलकिट’ निर्मित की गई थी । दिशाने यह ‘टूलकिट’ ग्रेटा थनबर्गको साझा की थी । इसी आधारपर दिशाको पुलिसद्वारा १३ फरवरीको बन्दी बनाया गया था ।
      शान्तनु तथा निकिताको अभीतक बन्दी नहीं बना सकी है । इनका अपराध अक्षम्य है; क्योंकि इसका उद्देश्य असत्य बताकर देशमें अराजकता फैलाना था । शिवसेनाकी इसमें सहभागिता सुनिश्चित तो नहीं; परन्तु देशद्रोहियोंके पक्षमें आनेवाले पक्षोंके संग खडी शिवसेना शङ्काके घेरेमें तो होगी ही । उद्धव ठाकरे इसका उत्तर राष्ट्रको दें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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