समाजसेवाकी आडमें धर्मान्तरण करवाता था सरफराज अली जाफरी, ‘मौलाना’ सिद्दीको देता था धन, उत्तर प्रदेश ‘एटीएस’ने बनाया बन्दी
८ अक्टूबर, २०२१
मुसलमानी धर्मान्तरण समूहकी जांच कर रही, उत्तर प्रदेश ‘एटीएस’ने ७ अक्टूबर २०२१, गुरुवारको बडी कार्यवाही करते हुए, ‘मौलाना’ कलीम सिद्दीकीके सहयोगी सरफराज अली जाफरीको बन्दी बना लिया । उसे अमरोहा जनपदसे बन्दी बनाया गया । वह भारतके सबसे बडे धर्मान्तरण ‘सिंडिकेट’ चलानेके आरोपित ‘मौलाना’ कलीम सिद्दीकीके साथ मिलकर कार्य कर रहा था और २०१६ सेही इसमें लिप्त था ।
पश्चिमी उत्तर प्रदेशके सबसे बडे ‘मौलवियों’मेंसे एक ‘मौलाना’कलीम सिद्दीकीको गत माह ‘एटीएस’ने बन्दी बनाया था । ‘एटीएस’के महानिदेशक जीके गोस्वामीने विवरण दिया कि ‘मौलाना’ सिद्दीकीसे पूछताछके समय सरफराज अली जाफरीके विषयमें जानकारी मिली थी । उन्होंने कहा, ‘मौलाना’ कलीम सिद्दीकीके ‘ग्लोबल पीस सेंटर’में जाफरी कार्य करता था । वह ‘रिवर्ट’ व ‘रिहैब’ और ‘दावा व्हाट्सएप’ गुटका सदस्य था । इसीके माध्यमसे उसके ‘गिरोह’के लोगोंने धार्मिक द्वेष फैलानेके साथ ही, लोगोंको लोभ देकर, उन्हें मुसलमान धर्म अपनानेके लिए प्रेरित किया ।
‘एटीएस’के अनुसार, धर्म-परिवर्तनके समूहमें सम्मिलित जाफरी जामिया नगरका रहनेवाला है । वह कथित रूपसे कलीम सिद्दीकीके ‘ग्लोबल पीस सेंटर’के कार्य देखता था । इसके अतिरिक्त, समाज सेवाकी आडमें लोगोंका धर्मान्तरण करानेवाले नई देहली स्थित ‘ह्यूमैनिटी फॉर ऑल ऑर्गनाइजेशन’को भी सञ्चालित करता था ।
समाजसेवाके नामपर विदेशोंसे आनेवाला धन ही धर्मान्तरणका मुख्य कारण हैं । २०१४ से पूर्व भारतमें कई सहस्र ‘एनजीओ’ एवं तथाकथित सनजसेवी संस्थाए पंजीकृत थी और उनमेंसे अधिकाङ्शका कार्य कागदोंपर समाजसेवा करना था; किन्तु वास्तविकतामें उनका कार्य धर्मान्तरण ही था । विगत ७५ वर्षोंमें ये संस्थाए प्रशासनकी कमियोंके कारण बहुत निपुण हो चुकी हैं; अत: जब शासन एक मार्ग बन्द करता है, तब यह दूसरे मार्गसे धर्मान्तरण आरम्भ कर देती हैं । जबतक हिन्दू जागरूक नहीं होंगे, तबतक इसी प्रकार धर्मान्तरण होता रहेगा; अत: भावीपीढीको बचानेके लिए हमें प्रत्येक स्तरपर सजग रहना होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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