केरल : ननका आरोप, ‘बिशपने १३ बार बलात्कार किया,’ गिरिजाघरसे कहा, ‘पर कुछ नहीं हुआ’
केरलमें एक ४४ वर्षीय ननने बिशपके ऊपर १३ बार बलात्कार करनेका आरोप लगाया है । केरल पुलिसने इस प्रकरणमें शुक्रवार, २९ जूनको ‘सायरो-मालाबार’ कैथोलिक गिरिजाघरके ‘बिशप’ फ्रांसो मुलक्कलके विरोधमें प्रकरण प्रविष्ट कर लिया है । ननने अपने परिवादमें (शिकायतमें) बताया कि जालन्धरके बिशप मुलक्कलने उसके साथ १३ बार बलात्कार किया ! ननने यह भी बताया कि उसने इस बातकी परिवाद, गिरिजाघरसे भी की थी; किन्तु उसके परिवादपर कोई ध्यान नहीं दिया गया ।
केरलके कोट्टायम जनपदमें कार्य कर रही ननका कहना है कि वर्ष २०१४ से बिशप उसका बलात्कार कर रहा है ! ननने बताया कि वर्ष २०१४ में बिशपने कुछ महत्त्वपूर्ण विषयपर चर्चा करनेके लिए उसे सूचना भेजी थी, जिसके पश्चात वह बिशपसे मिलने गई थी, जहां बिशपने उसका बलात्कार कर दिया ! ननके अनुसार उसके पश्चात भी बिशप ने लगभग १३ बार उसका बलात्कार किया ! कोट्टायम पुलिस अधीक्षक हरि शंकरने बताया कि कुराविलांगद पुलिस स्टेशनमें बिशपके विरोधमें आईपीसीकी धारा ३७६ के अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट कर लिया गया है ।
मस्जिदमें ‘मौलवी’ और गिरिजाघरमें ‘पादरी’ और अन्य अधिकारी कभी स्त्रियोंका तो कभी बच्चोंका यौन शोषण करते ही रहते हैं अर्थात यह उनका नियमित उपक्रम हैं ! और इसलिए अब इसके समाचार किसीको आश्चर्यचकित नहीं करते हैं ! क्या ये सब खरे अर्थोंमें धार्मिक स्थल हैं और क्या वासनाके ये पुजारी ‘धर्मगुरु’ कहलानेके अधिकारी हैं ? क्या इससे ही यह सिद्ध नहीं होता कि इन पन्थोंका शान्ति, भाईचारा, नैतिक मूल्य, मानवता और धर्मसे कोई लेना-देना नहीं है ? – तनुजा ठाकुर (३.७.२०१८)
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