विरुद्ध आहार (भाग -२)


जिस प्रकार पौष्टिक आहार खानेसे स्वास्थ्य की रक्षा होती है और रोग दूर होते हैं उसीप्रकार कुपौष्टिक आहार खानेसे अनेक प्रकारके रोगोंका बुरा प्रभाव हमारे शरीरपर पडता है ।  प्रकृतिमें कुछखाद्य पदार्थ ऎसे होते है जो रोगोंका कारण होती है । और कुछ पदार्थ ऎसे होते है जो अनेक गुणोंका खान होते हैं । जिसके सेवनसे शरीर स्वस्थ रहता  है; परन्तु जब इन्हीं गुणकारी खाद्य पदार्थोंका सेवन किसी और खाद्य पदार्थमें मिलाकर किया जाए तो इससे हमारे शरीरको हानि होता है और अनेक प्रकारके रोग उत्पन्न हो जाते हैं । ये विरुद्ध आहार कहलाते हैं । विरुद्धहारका लगातार सेवन करनेसे शरीरपर धीरे – धीरे कुप्रभाव पडता है और शरीर रोग्रस्त हो जाता है त आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ विरुद्ध आहारके विषयमें – दूधके साथ दही , मूली , मूलीके पत्ते , खट्टे पदार्थ,  नमक , कच्चे सलाद , इमली, खरबूजा, बेलफल, नारियल, आंवला , निम्बू, मौसंबी या संतरेका रस, जामुन कैथ , कुल्थी, तिलकुट , गलगल(तोरई), अनार, सत्तू , अन्य प्रकारके खट्टे फल आदिका सेवन स्वास्थ्यके लिए हानिकारक होता है । 



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution